उत्तरकाशी। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सब्जी मंडी से उजाड़े गए व्यापारियों ने ध्वस्त मंडी के निकट आंदोलन शुरू कर दिया है। ध्वस्तीकरण से पहले ही उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे सब्जी व्यापारी पालिका एवं जिला प्रशासन पर कोर्ट के स्टे आदेश की अवमानना का आरोप लगा रहे हैं। उधर, विश्वनाथ चौक से हटाए गए व्यापारी भी रोजगार की व्यवस्था की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।
सोमवार को प्रशासन ने पालिका द्वारा अवैध रूप से स्थापित की गई सब्जी मंडी को ढहा दिया था, जिससे मंडी में कारोबार कर रहे करीब 54 व्यापारी बेरोजगार हो गए हैं। इस दौरान प्रशासन ने कारोबारियों को वरुणावत की तलहटी में जियोग्रिड वाल के पीछे अपना कारोबार करने का प्रस्ताव भी दिया, लेकिन आक्रोशित व्यापारियों ने प्रस्ताव ठुकराते हुए मंगलवार से उजाड़ पड़ी मंडी के समीप ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
व्यापारियों का कहना है कि निवर्तमान पालिका बोर्ड ने दुकानें देने के नाम पर उनसे बाकायदा रसीद देकर पैसे वसूले हैं। पालिका के निर्देश पर ही वे सब्जी मंडी में कारोबार कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने अतिक्रमण बता कर उनकी दुकानों को उजाड़ दिया। अब इन व्यापारियों के समक्ष परिवार की आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से पालिका द्वारा लिए गए पैसों के एवज में दुकानें मुहैया कराने की मांग की। धरना देने वालों में तस्दीक खान, जय किशन, दर्शन लाल, मुन्ना खान, धीरज अग्रवाल, शाहिद अबी, अतीक खान, मदन पाल, रमेश प्रसाद, विजय नारायण, फिरोज खान, संदीप नौटियाल आदि शामिल थे।
कोट..
हाईकोर्ट से अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। सोमवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान रोकने के मौखिक आदेश की जानकारी मिली थी, लेकिन तब तक अतिक्रमण हटाया जा चुका था। अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, वहां से आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।