उत्तरकाशी। तिलोथ मोटर पुल निर्माण की धीमी रफ्तार से जहां निकटवर्ती गांवों के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं जर्जर हुए जोशियाड़ा मोटर पुल पर यातायात का बढ़ता दबाव हादसे को न्योता दे रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम डा. आशीष चौहान ने दोनों पुलों का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
वर्ष 2012 की बाढ़ में तिलोथ मोटर पुल की एप्रोच तबाह हो गई थी। तब से यहां बेली ब्रिज के माध्यम से वाहनों की आवाजाही चल रही थी। अब यहां क्षतिग्रस्त हिस्से में नए मोटर पुल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके चलते तिलोथ, जसपुर, मांडों समेत बाड़ागड्डी, गाजणा एवं प्रतापनगर क्षेत्र के लोगों को जोशियाड़ा होते हुए आवाजाही करनी पड़ रही है। पुल निर्माण की सुस्त रफ्तार के चलते इसके शीघ्र तैयार होने के आसार नहीं लग रहे हैं। शनिवार को डीएम चौहान ने स्थलीय निरीक्षण कर पुल निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए लोनिवि के अधीक्षण अभियंता को काम में तेजी लाकर दिसंबर तक पुल तैयार कराने के निर्देश दिए।
उधर, जोशियाड़ा मोटर पुल पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। बाड़ागड्डी, गाजणा एवं टिहरी जनपद के प्रतापनगर क्षेत्र के साथ ही केदारनाथ धाम की ओर भी इसी पुल के माध्यम से यातायात चल रहा है। पुल के दोनों छोर पर पड़े गड्ढों को मिट्टी से पाटकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। डीएम ने लोनिवि के अधिकारियों को साथ लेकर पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल के दोनों छोर पर पुलिस के जवान तैनात कर एक बार में एक ही वाहन को पुल से गुजरने देने के निर्देश दिए। इस मौके पर लोनिवि के अधीक्षण अभियंता एसके राय समेत कई मौजूद रहे।