पुरोला (उत्तरकाशी)। महिला कांस्टेबल पर व्यापारी द्वारा तंज कसे जाने के आरोप में पुलिस ने व्यापारी को थाने में तलब किया। व्यापारी को तलब करने के विरोध में व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर बाजार बंद किया। हालांकि बाद में एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिस पर व्यापारी शांत हुए और अपराह्न तीन बजे बाजार खोल दिया।
मंगलवार को एक महिला कांस्टेबल ने मोरी बाजार में रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाने वाले व्यापारी मनदीप रावत पर तंज कसने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने आरोपी व्यापारी को थाने में तलब किया और उससे माफी पत्र लिखवाकर छोड़ दिया। करीब चार घंटे बाद मनदीप के थाने से लौटने पर अन्य व्यापारियों को घटना का पता चला। युवा व्यापारी मनदीप के सरल स्वभाव और साफ छवि के चलते किसी को भी उस पर लगाए गए आरोप पर विश्वास नहीं हुआ। मनदीप ने बताया कि थाने में कुछ पुलिस कर्मियों ने उससे रुपये की मांग भी की। पहले भी पुलिस द्वारा उत्पीड़न किए जाने के मामलों को लेकर क्षेत्र की जनता में पनप रहा रोष बुधवार को फट पड़ा।
क्षेत्र की जनता एवं विभिन्न संगठनों ने बुधवार को बाजार बंद कर जुलूस-प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मामला गंभीर होने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम पूरण सिंह राणा ने आंदोलनकारियों के साथ वार्ता की। इस दौरान लोगों ने लंबे समय से मोरी थाने में डटे कुछ पुलिस कर्मियों पर क्षेत्र के असामाजिक तत्वों से मिलकर गलत कृत्य करने और आम जनता को बेवजह परेशान करने के आरोप लगाया। एसडीएम ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा दिलाया। तब व्यापारी शांत हुए और अपराह्न तीन बजे के बाद बाजार खुला। मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष दीप कुमार ने भी घटना के लिए व्यापारियों से खेद जताया। प्रदर्शनकारियों में व्यापार मंडल अध्यक्ष राकेश जैन, महामंत्री जयवीर रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रोजी सिंह सौंदाण, राजेंद्र रावत, संजय राणा आदि शामिल थे।