बड़कोट/रुद्रप्रयाग। यमुनोत्री धाम यात्रा पर पहुंचे तीन तीर्थयात्रियों की अलग-अलग स्थानों पर हृदयगति रुकने से मौत हो गई है। उधर, रुद्रप्रयाग जिले में केदार यात्रा पर पहुंचे 20 वर्षीय तीर्थयात्री की अचानक तबियत बिगड़ जाने के बाद मौत हो गई।
मंगलवार शाम छह बजे हरिकृष्ण (49) पुत्र चक्रपाणी निवासी र्साइंनाथ पुरम, हैदराबाद यमुनोत्री मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे। भैरव मंदिर के पास दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई, जबकि यमुनोत्री धाम की यात्रा कर लौटी तेलंगाना निवासी अकुला राजमणी (60) पत्नी गंगाधर जानकीचट्टी के एक होटल में ठहरी हुई थीं। देर रात हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। उधर, 65 वर्षीय रमाकांत पुत्र स्व.तीरथ राज निवासी जौनपुर उत्तर प्रदेश यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए थे, लेकिन तबियत खराब होने के कारण वे अपनी पत्नी के साथ खरादी स्थित एक होटल में ही रुक गए। बुधवार सुबह तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें बड़कोट स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उधर रुद्रप्रयाग में जितेंद्र कुशवाह (20) पुत्र रामचरण कुशवाह, निवासी रामपुर खैर, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) पैदल मार्ग से केदार दर्शन को जा रहा था। जंगलचट्टी से कुछ पहले चीरबासा हेलीपैड के सामने उसकी तबियत बिगड़ गई और चिकित्सा यूनिट तक पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।