उत्तरकाशी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीपी गैरोला की अदालत ने युवती से सामूहिक बलात्कार के दोषी तीन अभियुक्तों को 20-20 साल के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। एक युवक को दोषमुक्त कर दिया गया है। घटना 3 मार्च 2017 की है। स्थानीय निवासी एक 21 वर्षीय युवती और उसका साथी युवक रात को केदार घाट की ओर घूमने गए थे। तभी रास्ते में मिले आशीष बिजल्वाण, अजय भट्ट, मनीष अवस्थी और विजय शंकर नौटियाल नामक युवकों ने युवती के लिए अभद्र टिप्पणी कर दी। युवती के साथी ने इसका विरोध किया तो चारों युवकों ने उसकी पिटाई कर उसे भगा दिया। इसके बाद वे युवती को तिलोथ विद्युत गृह की ओर नदी किनारे ले गए, जहां अजय भट्ट, आशीष बिजल्वाण और मनीष अवस्थी ने बारी-बारी से उससे बलात्कार किया। तभी युवती का शोर सुनकर विद्युत गृह के सुरक्षा गार्ड ने ऊपर से पत्थर फेंक कर और टार्च की रोशनी कर बलात्कारियों को वहां से भगा दिया। युवती भी उनके चंगुल से छूटकर भाग निकली थी, लेकिन आशीष बिजल्वाण और मनीष अवस्थी ने युवती का पीछा कर फिर उसे हवस का शिकार बनाया।
अगले दिन सुबह पीड़िता किसी तरह आजाद होकर अपनी सहेली के घर पहुंची और आप बीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता ने चारों युवकों के खिलाफ थाना कोतवाली में सामूहिक बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने कुछ दिनों के अंदर ही चारों आरोपियों को धर दबोचा। मामले में सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीपी गैरोला की अदालत में सुनवाई हुई। पीड़िता की ओर से एडीजीसी फौजदारी गंभीर चौहान ने आठ गवाह पेश किए। न्यायालय ने अजय भट्ट, मनीष अवस्थी और आशीष बिजल्वाण को सामूहिक बलात्कार का दोषी करार देते हुए 20-20 साल के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि चौथे युवक विजय शंकर नौटियाल को दोष मुक्त कर दिया गया।