जल संस्थान के विभागीय आवास को न्याय विभाग के कर्मचारी को देने से आक्रोशित कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संघ ने विभागीय अधिकारी को हटाकर बाहरी व्यक्ति को कमरा देने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन के निर्णय का विरोध करते हुए आदेश निरस्त करने की मांग की है। कर्मचारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
जलसंस्थान की आवासीय कालोनी स्थित थ्री रूम सेट में विभाग के अवर अभियंता रह रहे थे, लेकिन विगत 26 फरवरी को उपजिलाधिकारी कार्यालय की ओर से न्याय विभाग के कर्मचारी को यह आवास आवंटित करने के आदेश दिए गए, जिसके बाद अवर अभियंता से आवास खाली कराकर कमरे में ताला लगा दिया गया। जबकि अधिकारी को बगल के छोटे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई का कर्मचारी संघ द्वारा विरोध करते हुए निर्णय बदलने की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर कर्मचारियों ने मंगलवार से आंदोलन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने आवास के बाहर ताला लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच एसडीएम पूरण सिंह राणा ने धरना स्थल में पहुंचकर कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन समाप्त करने से मना कर दिया।
संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पंवार ने कहा कि जलसंस्थान कालोनी से विभागीय कर्मचारी को हटाकर बाहरी व्यक्ति को आवंटित करना गलत है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में बाहरी विभाग के कर्मचारी को आवास में रहने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन अपना निर्णय नहीं बदलता कर्मचारियों का धरना जारी रहेगा। उन्होंने जल्द कोई कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। उधर, अवर अभियंता देवराज तोमर ने कहा कि कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों में पुरुषोत्तम शाह, रमेश सेमवाल, शांति प्रसाद, अतर सिंह, भगत सिंह, विरेंद्र सिंह मौजूद रहे।