उत्तरकाशी। कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बने संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में लंबे इंतजार के बाद फिल्म आदि कार्यक्रमों का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते इसके संचालन पर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।
नवनिर्मित भवन को हैंडओवर किए बगैर इसका जीर्णोद्धार कराकर लोकार्पण करना संस्कृति निदेशालय को रास नहीं आ रहा है। संस्कृति निदेशालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि जनता की मांग पर संस्कृति निदेशालय ने वर्ष 2007 में ऑडिटोरियम का निर्माण कराने का जिम्मा पेयजल निर्माण निगम को सौंपा था। निगम ने करीब 199.36 लाख रुपये में भवन का ढांचा खड़ा कर दिया था, लेकिन अधूरे निर्माण एवं विभागीय तालमेल की कमी के चलते वर्षों बाद भी इसके हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इस बीच प्रशासन ने जिला योजना एवं विधायक निधि से बजट जुटाकर ऑडिटोरियम का जीणोद्धार करा डाला, जिसका बीते 28 फरवरी को भव्य लोकार्पण कर एक प्रोडक्शन हाउस को इसे सिनेमा हॉल के तौर पर संचालन के लिए सौंप दिया। संस्कृति निदेशालय ने बिना अनुमति एवं हैंडओवर हुए ही भवन के प्रयोग पर नाराजगी जताई है। निदेशालय के अनुसार उसकी करोड़ों की संपत्ति को बिना कोई जानकारी दिए ही संचालित किया जा रहा है। निदेशालय ने इस संबंध में शासन से शिकायत कर ऑडिटोरियम की जांच कराने के आदेश दिए हैं। ऐसे में सरकारी प्रक्रिया को जानते हुए भी विभागीय तालमेल में हुई गड़बड़ी का खामियाजा कलाकारों एवं लोक संस्कृति के प्रशंसकों को झेलना पड़ेगा।
कोट:
लंबे समय से पत्राचार करने के बाद भी अभी तक ऑडिटोरियम संस्कृति विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। इस संबंध में शासन को शिकायत की गई है। होली के बाद ऑडिटोरियम का थर्ड पार्टी निरीक्षण कराया जाएगा। हैंडओवर की कार्रवाई एवं विभाग को सूचित किए बिना इसका संचालन कैसे किया जा रहा है, यह समझ से परे है।
बीना भट्ट, निदेशक संस्कृति निदेशालय उत्तराखंड।
कोट:
हमारे स्तर से बजट के अनुरूप निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया था। हस्तांतरण की कार्रवाई के लिए जिला पर्यटन विभाग को कागज भी सौंप दिए गए थे। आगे की कार्रवाई जिला स्तर से ही होगी।
इरशाद हसन, जेई पेयजल निर्माण निगम।
कोट:
ऑडिटोरियम में कुछ कार्य अधूरे रह गए थे, जिसे पूरा कराने के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग को जिला योजना एवं विधायक निधि से बजट देकर कार्य सौंपा गया है। निर्माण पूरा होते ही हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
देवेंद्र नेगी, एसडीएम भटवाड़ी।