उत्तरकाशी। ओएनजीसी एवं गेल की ओर से यमुनोत्री-गंगोत्री धाम में करीब 16.14 करोड़ की लागत से स्वच्छता के इंतजाम और ढांचागत सुविधाएं जुटाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री उमा भारती की ओर से शिलान्यास के साथ जल्द ही योजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने पूरे देश में 100 प्रतिष्ठित दर्शनीय स्थलों का चयन कर इन्हें पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने की कवायद शुरू की है। प्रथम चरण में ताजमहल आदि दस स्थलों का चयन हुआ, जबकि दूसरे चरण में चयनित दस स्थलों में जिले के यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम भी शामिल किए गए हैं। यमुनोत्री धाम में पेट्रोलियम क्षेत्र की बड़ी कंपनी गेल द्वारा 5.25 करोड़ रुपये तथा गंगोत्री धाम में ओएनजीसी द्वारा 10.89 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण एवं ढांचागत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा।
गंगोत्री धाम में 200 सोलर स्ट्रीट लाइट, कांपेक्टर ट्रक, ई-शौचालय, वाटर एटीएम, मेडिकल वैन, ई-रिक्शा, लाइट एंड साउंड शो, अंडर ग्राउंड वायरिंग, ट्यूबवेल सहित दो दर्जन से अधिक कार्य होंगे, जबकि यमुनोत्री धाम में 60 शौचालय, सोलर स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरे, घोड़े खच्चरों के लिए शेड एवं आरएफआईडी टैग लगाने सहित डेढ़ दर्जन कार्य होंगे। ये कार्य स्वजल, उरेडा, नगर पंचायत, ग्रामीण कार्य विभाग, जल संस्थान, स्वास्थ्य, सिंचाई, लोनिवि, ऊर्जा निगम, पशुपालन, जिला पंचायत के माध्यम से कराए जाएंगे। योजना को डेढ़ साल के भीतर चरणबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित दर्शनीय स्थल योजना में यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम का चयन हुआ है। इन धामों में स्वच्छता के इंतजाम एवं सुंदरीकरण के साथ अन्य विकास कार्य किए जाने हैं। इसकी डीपीआर तैयार कर भेज दी गई है। फंड मिलते ही काम शुरू हो जाएंगे।
डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।
गंगा एवं यमुना के उद्गम वाले धामों को योजना में शामिल किया जाना सभी के लिए गौरव की बात है। बड़ी कंपनियों के सीएसआर मद से यहां विकास कार्य होने से धामों में सुविधाओं का विकास होगा। इसका लाभ स्थानीय लोगों के साथ ही देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को भी मिलेगा।
सुरेश सेमवाल, सचिव गंगोत्री मंदिर समिति।