चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। भारतीय वायु सेना की ओर से सामरिक तैयारियों के तहत बीते एक हफ्ते से हवाई पट्टी पर किया जा रहा अभ्यास शुक्रवार को संपन्न हो गया। इस दौरान वायुसेना के एएन-32 विमान की सफल फ्लाइंग व लैंडिंग का अभ्यास किया गया। वायुसेना के अधिकारियों ने हवाई पट्टी को मामूली सुधार के साथ वायुसेना के अभियानों के लिए मुफीद बताया है।
दोकलाम आदि सीमावर्ती इलाकों में चीन के साथ सीमा विवाद के बाद से जनपद में भी सेना सामरिक तैयारियों को परख रही है। इस क्रम में सीमावर्ती चौकियों पर सैन्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही भारत-चीन सीमा के सबसे नजदीकी चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी को भी सामरिक तैयारियों के लिहाज से परखा जा रहा है। बीते एक हफ्ते से वायुसेना के अधिकारी हवाई पट्टी पर विमानों की फ्लाइंग-लैंडिंग का अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान यहां वायुसेना के 56 सीटर मल्टीपरपज एएन-32 विमान की करीब दो दर्जन से ज्यादा उड़ानें भरी गईं।
वायुसेना की आगरा विंग के एयर कमाडोर असीरकर के नेतृत्व में वायुसेना के पायलटों ने अभ्यास किया तथा आसपास के इलाके का जायजा लिया। शुक्रवार को यह अभ्यास संपन्न हुआ। एयर कमाडोर असीरकर ने चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी में आंशिक सुधारों के साथ इसे वायुसेना के अभियानों के मुफीद बताया। उन्होंने हवाई पट्टी में सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस मौके पर फ्लाइट लैफ्टिनेंट अवनीश शाह, हितेश कुमार, प्रांजल, दीपक तथा एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर घनश्याम सिंह आदि मौजूद रहे। सूत्रों की मानें तो अप्रैल में यहां वायुसेना एवं थल सेना के संयुक्त अभ्यास की योजना है।