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जुबानी जमाखर्च बनकर रह गई हैं मुख्यमंत्रियों की घोषणाएं

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उत्तरकाशी। एक जमाना था कि सूबे के मुखिया के मुंह से निकली बात ही शासनादेश होती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्रियों की घोषणाएं जुबानी जमाखर्च बन कर रह गई हैं। सीएम छोटे-बड़े कार्यक्रमों में शिरकत कर राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए धड़ाधड़ घोषणाएं तो कर रहे हैं, लेकिन ये धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। बीते छह साल के भीतर उत्तरकाशी पहुंचकर सूबे के तीन मुख्यमंत्री जिले के लिए करीब साढ़े तीन सौ घोषणाएं कर चुके हैं, लेकिन इनमें से आधे पर भी अमल नहीं हो पाया है। ऐसे में लोगों का इन हवा-हवाई घोषणाओं पर से विश्वास उठता जा रहा है।
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पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहते विजय बहुगुणा ने जिले के लिए 78 घोषणाएं कीं, लेकिन इनमें से आधी भी धरातल पर नहीं उतर पाई। सीएम की घोषणा के अनुरूप उत्तरकाशी एवं भटवाड़ी में बस अड्डा नहीं बना, ऊपरीकोट से आगे स्यानाचट्टी तक सड़क, हर्षिल से बगोरी एवं मुखबा से जांगला तक सड़क, नौगांव, भंकोली एवं अगोड़ा तक सड़क, चामकोट के पास गंगा भागीरथी पर पुल, जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन और पीजी कालेज में एलएलबी की कक्षाएं जैसी घोषणाएं अब भी फाइलों में ही कैद हैं।
घोषणाओं के मामले में कांग्रेस के सीएम हरीश रावत काफी तेज रहे। उन्होंने 239 घोषणाएं कीं, जिसमें से महज साठ ही पूरी हो पाई। स्थानीय लोगों को अभी रामलीला मैदान में मिनी स्टेडियम, उत्तरकाशी में नर्सिंग कालेज, बार्सू एवं रैथल में जड़ी बूटी शोध केंद्र, जानकीचट्टी में बहुउद्देशीय झील आदि घोषणाओं के धरातल पर उतरने का इंतजार है। बीते एक साल के भीतर सीएम त्रिवेंद्र रावत भी जिले के लिए 40 घोषणाएं कर चुके हैं, जिनमें से 32 विभाग और शेष 8 शासन स्तर पर ही लंबित हैं। सूबे में मुखिया और सरकार के बदलते ही शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारियों की प्राथमिकताएं भी बदल जाती हैं।
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कोट.........
पहले घोषणाएं होती थीं तो उन पर अमल भी होता था। अब तो महज राजनीतिक हित साधने के उद्देश्य से ही घोषणाएं हो रही हैं। जब मुख्यमंत्री की घोषणा पर भी काम नहीं हो रहे, तो फिर आम जनता किसके पास जाएगी?
बुद्धि सिंह पंवार, संयोजक लोक सेवक संघ उत्तरकाशी।

कोट........
पूर्व में मुख्यमंत्रियों द्वारा की गई घोषणाओं पर जिला स्तर पर कार्य कराए जा रहे हैं। कुछ योजनाएं शासन स्तर पर लंबित हैं। इनकी प्रगति की समीक्षा के लिए जल्द ही जिले के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
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डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।
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