उत्तरकाशी। प्रशासन ने शहर में आवारा घूमते पशुओं से निजात पाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए गोवंशीय पशुओं पर रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग लगाने के साथ ही आवारा कुत्तों का बंध्यकरण कराया जाएगा। पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में डीएम डा. आशीष चौहान ने इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कहा कि देहरादून की तर्ज पर यहां भी कांजी हाउस को सुव्यवस्थित कर गोवंशीय पशुओं के संरक्षण के साथ गोशाला को बेहतर ढंग से संचालित किया जाएगा। प्रभारी अधिकारी पशु कल्याण बोर्ड डा. आशुतोष जोशी ने पशु कल्याण संबंधी जानकारियां दीं। देहरादून नगर निगम से आए वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डा. विवेकानंद सती ने स्वान बंध्यकरण के बारे में बताया। बैठक में सीवीओ डा. प्रलयंकर नाथ, पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्य मेजर आरएस जमनाल, मुरारीलाल जगूड़ी, उजाली बिष्ट, सविता भट्ट, शूरवीर चौहान, प्रताप पोखरियाल, शांति ठाकुर आदि मौजूद रहे।