उत्तरकाशी। चमियारी उलण मार्ग निर्माण सहित 11 सूत्री मांगों पर प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के लापरवाह रवैये से परेशान ग्रामीणों ने भगवान काशी विश्वनाथ को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। इस दौरान उन्होंने विश्वनाथ चौक में लोनिवि व निर्माण विभाग का पुतला फूंका। वहीं, क्रमिक अनशन के दौरान बीमार हुए वयोवृद्ध आंदोलनकारी शेर सिंह राणा ने अधिकारियों व नेताओं के रवैये से निराश होकर मौन व्रत धारण कर लिया।
चमियारी उलण मोटर मार्ग सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण बीते 33 दिन से नरसिंहधार तिलपड़ में क्रमिक अनशन पर डटे हुए हैं, लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की तरफ से आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ है। इससे नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर लोनिवि का पुतला दहन किया और जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सरकारी तंत्र से निराश हो चुके ग्रामीणों ने भगवान काशी विश्वनाथ को ज्ञापन सौंपकर अधिकारियों व नेताओं को सतबुद्धि देने व आंदोलन को सफल बनाने की मांग की।
इस दौरान शिवशंकर पैन्यूली ने कहा कि अधिकारी व नेता जनता को पशु समझ रहे हैं। जिन्हें वे कहीं भी हांककर मूर्ख बना सकते हैं। यही वजह से की सालों से गुहार लगाने के बाद भी सरकारी तंत्र सोया पड़ा है और विभाग बेलगाम हो गए हैं। लेकिन वे नहीं जानते की अगर जनता आक्रोशित होकर अपनी ताकत दिखा दे तो उनकी कुर्सियां छिन सकती हैं।
वहीं, भजन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों मांगों लेकर 26 फरवरी से विभागों में प्रदर्शन कर तालाबंदी करेंगे, जबकि पांच मार्च से अनशन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर सुंदरलाल मिश्रा, रामव्यास मिश्रा, कृष्णपाल सिंह, देवेश्वरी मिश्रा, सुनीता राणा, पुष्पा देवी मौजूद रहे।