फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगोरी में बेली ब्रिज ढहने से गंगोत्री हाईवे हुआ अवरुद्ध

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी। गंगोरी में असी गंगा पर बना बीआरओ का साठ मीटर लंबा वैली ब्रिज बृहस्पतिवार सुबह सवा सात बजे ओवरलोडिंग के कारण भरभरा कर ढह गया। पुल ढहने से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया, जिससे सीमावर्ती चौकियों और गंगोत्री धाम सहित भटवाड़ी ब्लाक के साठ से अधिक गांवों का देश-दुनिया से सड़क संपर्क कट गया है। प्रशासन और बीआरओ की टीमें मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर यातायात बहाली के प्रयास में जुट गई हैं।
विज्ञापन

बता दें कि बृहस्पतिवार सुबह सवा सात बजे दो लोडेड ट्रक उत्तरकाशी से भटवाड़ी की ओर जा रहे थे। महज 16 टन भार वहन क्षमता वाले गंगोरी वैली ब्रिज पर एक बार में एक वाहन गुजरने की स्पष्ट चेतावनी चस्पा होने के बावजूद दोनों ट्रक एक के पीछे एक इस पुल पर चल दिए। ओवरलोड होने से पुल बीचोंबीच से टूट कर ढह गया। एक ट्रक तो पुल के साथ नदी के बीच जा गिरा जबकि दूसरा ट्रक पुल के दूसरे छोर पर लटक गया। हादसे में किसी को चोट नहीं आयी। हादसा होते ही इन ट्रकों में सवार चालक-परिचालक भाग खड़े हुए। घटना के प्रत्यक्षदर्शी गुलाब सिंह पंवार, राजेंद्र पंवार, राधेश्याम खंडूड़ी, केशर सिंह आदि ने बताया कि हादसे के वक्त पुल पर इन दोनों ट्रकों के अलावा कोई नहीं था। यदि हादसा करीब एक घंटे बाद हुआ होता तो स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों की पैदल आवाजाही के बीच बड़ी जनहानि हो सकती थी।
गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध होने से भारत-चीन सीमा पर चौकियों, गंगोत्री धाम सहित भटवाड़ी विकासखंड के साठ से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही डीएम डा.आशीष चौहान पुलिस, प्रशासन एवं बीआरओ की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त पुल के रास्ते ही दोनों ओर फंसे लोगों की पैदल आवाजाही करायी गई। इसके साथ ही यहां असी गंगा पर वाहनों की आवाजाही का वैकल्पिक इंतजाम करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। बीआरओ एवं प्रशासन के अधिकारी देर रात तक वाहनों की आवाजाही शुरू करने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन


कोट..........
वैली ब्रिज ढहने के कारणों की जांच और जवाबदेही तय करने के लिए एडीएम व लोनिवि के अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया गया है। यातायात बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम कराया जा रहा है। देर रात तक यातायात बहाल कर लिया जाएगा। हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
-डा.आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।

कोट.........
साठ मीटर स्पान के इस वैली ब्रिज की भारवहन क्षमता 16 टन थी। पुल से एक बार में सिर्फ एक वाहन को जाने की अनुमति थी। यह चेतावनी पुल पर लिखित रूप से चस्पा भी है। इससे पूर्व भी इस पुल से एक-एक कर भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही होती रही है। दो लोडेड ट्रक एक साथ पुल पर जाने के कारण हादसा हुआ है। इनके चालकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
-एनके खुल्लर, कमान अधिकारी बीआरओ, उत्तरकाशी।
---
बॉक्स के लिए-
पैदल ले जानी पड़ी बारात
उत्तरकाशी। गंगोरी पुल ढहने के कारण एक बारात भी उत्तरकाशी की ओर फंस गई। टिहरी जनपद के मुखेम गांव के संदीप थपलियाल की बारात बृहस्पतिवार को नेताला जानी थी। पुल ध्वस्त होने के कारण दूल्हे एवं बारातियों को पैदल ही दूसरी ओर जाना पड़ा। दूसरी ओर भी पर्याप्त वाहन नहीं होने पर कई बाराती छह किमी पैदल ही नेताला तक गए और विवाह संस्कार संपन्न कराकर दुल्हन को साथ लेकर पैदल लौटे। ब्यूरो
---------
होटल एसोसिएशन ने किया सहयोग
उत्तरकाशी। पुल ढहने के बाद जहां अधिकांश लोग तमाशबीन बने नजर आए, वहीं होटल एसोसिएशन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे बीआरओ के मजदूरों के लिए चाय की व्यवस्था कर उनके उत्साहवर्द्धन का प्रयास किया। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा, दिपेंद्र पंवार आदि ने कहा कि आपदा के इन हालात में सभी लोगों को धैर्य बनाए रखने के साथ ही अपनी ओर से सहयोग करना चाहिए। ब्यूरो
-------------------
स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी दिक्कतें
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय पर संचालित निजी स्कूलों की स्कूल बसें भी पुल ढहने के कारण दोनों ओर फंस गईं। ऐसे में दर्जनों छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ध्वस्त पुल को पैदल पार करने के बाद भी स्कूली बच्चे चार किमी पैदल चलकर स्कूलों तक पहुंच सके। शिक्षकों को भी समय पर स्कूल पहुंचने के लिए दौड़भाग करनी पड़ी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें