चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध झील का जलस्तर कम होने पर एक बार फिर झील में डूबा देवीसौड़ झूला पुल बाहर निकल आया है। पुल डूबने के बाद से अलग-थलग पड़े दिचली गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों ने इससे आवाजाही तो शुरू कर दी है, लेकिन अब तक 11 बार चार-चार महीने तक झील में डूबे रहने के कारण जर्जर हुए पुल से आवाजाही खतरे से खाली नहीं। ग्रामीणों ने नया पुल बनने तक इसे दुरुस्त कराने की मांग की है।
टिहरी बांध झील का जलस्तर 815 मीटर पहुंचने पर बीते 24 अगस्त को देवीसौड़ पुल झील में डूब गया था। वर्ष 2007 से हर साल अगस्त में पानी बढ़ने पर यह पुल इसी तरह झील में समा जाता है और जलस्तर कम होने पर बाहर निकल आता है। एक बार फिर बृहस्पतिवार को पुल झील से बाहर आने पर दिचली गमरी क्षेत्र के 42 गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रमुख विजेंद्र रावत, पूनम रमोला गुड्डी असवाल, खिमानंद बिजल्वाण ने बताया कि 11 बार कई महीनों तक झील में डूबे रहने के कारण पुराना पुल जर्जर हो चुका है। उन्होंने नए पुल का निर्माण होने तक पुराने पुल की मरम्मत कराकर इसे सुरक्षित आवाजाही लायक तैयार करने की मांग की है।