उत्तरकाशी। सेहत के लिए लाभदायक कहे जाने वाली पहाड़ों की जलवायु में आ रहे बदलावों का असर लोगों के स्वास्थ्य में देखने को मिल रहा है। ऐसे में बारिश में हो रही देरी तथा बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए अधिक हानिकारक बन रहा है, जिसके चलते अस्पतालों में भी वायरल तथा खांसी जुकाम से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में बच्चों व बुजुर्गों सहित अस्थमा तथा दिल के मरीजों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
सीएमएस डा. भागेंद्र रावत के अनुसार बदलते मौसम में वायरल, खांसी जुकाम की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है। जिसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों व सांस के मरीजों को पड़ता है। ऐसे में लोगों को सुबह व शाम के वक्त ठंड से बचने का अधिक प्रयास करना चाहिए। साथ ही बासी व ठंडे खाने को छोड़, ताजा तथा गर्म खानपान का प्रयोग करना चाहिए। वहीं, वायरल से ग्रस्त मरीजों को लापरवाही न करते हुए पूर्ण इलाज कराना चाहिए।