बड़कोट। टपकती छत, दरारों से चरमराई दीवारें व बल्लियों में टिकी कक्षाओं के सहारे नगाण गांव के बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बेसिक स्कूल नगाण में शिक्षक और छात्र जान जोखिम में डालकर पठन-पाठन कर रहे हैं।
करीब 40 छात्र संख्या वाली नगाण बेसिक पाठशाला 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे भवन की छत व दीवारें जगह-जगह दरारें पड़ने से कमजोर हो गई है। विद्यालय प्रशासन ने बल्लियों व तख्तों के सहारे किसी तरह भवन को गिरने से रोका हुआ है, जिन्हें हर बरसात के बाद ठीक करना पड़ता है। ऐसे में रवाणा, नगाण व मसाल गांव को जोड़ने वाले मोटर मार्ग का मलबा भी विद्यालय में डाल दिया गया है, जिससे भवन के पूरी तरह ध्वस्त होने का खतरा दोगुना हो गया है। प्रधान गुरु देवी का कहना है कि चार वर्ष से ग्रामीण प्रशासन और शिक्षा विभाग भवन को ठीक कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रधानाध्यापक जयदेव सिंह राणा ने कहा कि आपदा के कारण भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसे ठीक कराने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी तक कोई बजट नहीं मिला है।
कोट:
विद्यालय भवन को ठीक कराने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। वहीं भवन में गिराए गए मोटर मार्ग के मलबे को हटाने के लिए पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को आदेश दिए जाएंगे। - मनुज गोयल, उपजिलाधिकारी।