उत्तरकाशी। डीएम डा. आशीष चौहान की ओर से ट्रैकिंग व पर्वतारोहण पर जाने वाले पर्यटकों के पंजीकरण और स्वास्थ्य परीक्षण को अनिवार्य रुप से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। डीएम ने संबंधित विभागों से पर्यटकों व ट्रैकिंग एजेंसियों के लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करने को कहा है। साथ ही अधिकारियों से 13 दिनों के अंदर हिमालयी क्षेत्रों के सभी ट्रैकिंग रूटों की वस्तु स्थिति व भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
शनिवार को पुलिस, वन विभाग, पर्यटन विभाग, आपदा प्रबंधन व जिला प्रशासन के साथ आयोजित बैठक में डीएम ने ट्रैकिंग व पर्वतारोहण को लेकर ठोस कदम उठाने को कहा है। दरअसल, कुछ समय पूर्व अलग-अलग घटनाओं में दो पर्यटकों की ट्रैकिंग के दौरान मृत्यु हो गई थी। दोनों ही ट्रैकर बिना अनुमति व स्वास्थ्य परीक्षण के अभियान पर गए थे। इसके बाद से ही डीएम की ओर से इस संबंध में कठोर कार्रवाई करने के संकेत दिए गए थे। उन्होंने विभागों की एक संयुक्त कमेटी बनाने को कहा है, जो क्षेत्र के ट्रैकिंग रूटों की उत्कृष्ट नियमावली तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि साहसिक गतिविधियों को सुरक्षित रखने के लिए नियमवाली के तहत ट्रैकिंग एजेंसियों का पंजीकरण कराया जाएगा। उन्होंने सूचना विज्ञान अधिकारी एवं जिला पर्यटन अधिकारी को ट्रैकिंग पंजीकरण के लिए एक वेबसाइट भी तैयार करने के आदेश दिए हैं। बैठक में सीडीओ विनीत कुमार, पुलिस अधीक्षक ददनपाल, एडीएम पीएल शाह, एसडीएम शैलेंद्र नेगी, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र नेगी, जिला पर्यटन अधिकारी बीपी टम्टा आदि मौजूद थे। ब्यूरो