उत्तरकाशी। नमामि गंगे परियोजना के तहत अब गंगनानी तप्त कुंड का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। धार्मिक तथा औषधीय महत्व के इस गर्म कुंड में जलग्रहण क्षेत्र, सार्वजनिक शौचालय, पैदल मार्ग आदि सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। इसके लिए परियोजना के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिसके बाद एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर स्थित गंगनानी तप्त कुंड को ऋषि कुंड भी कहा जाता है। नमामि गंगे ट्रैक 2017 के दौरान परियोजना के नोडल अधिकारी डा. राघव लंगर ने क्षेत्र का निरीक्षण कर यहां पर फैली गंदगी व अव्यवस्था पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने बताया कि गंगोत्री धाम जाने वाले यात्रियों का यह प्रमुख पड़ाव है। इसलिए नमामि गंगे के तहत इसके जीर्णोद्धार के लिए एक योजना तैयार की जा रही है। जिला प्रशासन से इसके लिए एस्टिमेट मांगकर कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भोजवासा में एक भोजपत्र की नर्सरी तथा दल में शामिल विशेषज्ञों की एक टीम भी गठित करने की योजना है, जो आने वाले समय में गंगा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगी।