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यमुनोत्री महोत्सव से सरकार के मुखिया से लेकर मंत्री और विधायकों ने बनाये रखी दूरी

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बड़कोट/उत्तरकाशी। यहां आयोजित यमुनोत्री महोत्सव एक घंटे के सांस्कृतिक कार्यक्रम में ही निपट गया। महोत्सव में न तो कोई मंत्री पहुंचा और न ही कोई विधायक। जबकि महोत्सव एक दिन पहले बिना किसी सूचना के खरसाली के बजाय जानकीचट्टी में शिफ्ट कर दिया गया।
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जानकीचट्टी में आयोजित यमुनोत्री महोत्सव में लोक गायक महेंद्र चौहान की टीम ने सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। वहीं खरसाली प्राथमिक विद्यालय के छात्राओं ने भी रंगारंग प्रस्तुतियां देकर वहां पहुंचे लोगों का मन मोहा। महोत्सव की मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख रचना बहुगुणा ने कहा कि पर्यटन को बढ़ाने देने के लिए सांस्कृतिक महोत्सवों का आयोजन जरूरी है, जिससे लोग स्थानीय संस्कृति से रूबरू हो पाए। नौगांव ब्लॉक के ज्येष्ठ उप प्रमुख प्रकाश असवाल व यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व सचिव पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि यमुनोत्री महोत्सव का आयोजन मां यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरसाली में होना था, लेकिन अधिकारियों की मनमानी के चलते इस महोत्सव को बिना किसी पूर्व सूचना के जानकीचट्टी में शिफ्ट कर दिया गया। वहीं हनुमानचट्टी में होने वाले कृषि महोत्सव को भी बिना सूचना के जानकीचट्टी में यमुनोत्री महोत्सव के साथ रख दिया गया। यहां दर्शकों के लिए रखी कुर्सियां खाली नजर रहीं। महोत्सव को प्रोत्साहित करने के लिए किसी भी मंत्री और विधायक ने यहां शिरकत नहीं की। इस महोत्सव के नोडल अधिकारी सीडीओ विनीत कुमार को बनाया गया था, लेकिन कार्यक्रम के दिन सीडीओ भी नदारद रहे। प्रशासन की ओर से एसडीएम मनुज गोयल ही महोत्सव में नजर आए, लेकिन कार्यक्रम में कई अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व सचिव पुरुषोत्तम उनियाल, ग्रामीण राकेश, सूर्य प्रकाश, राजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि यमुनोत्री महोत्सव में बस नाम के लिए कर दिया गया। यमुनोत्री महोत्सव यमुनोत्री में होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने पैदल चलने के डर से पहले तो आयोजन खरसाली में रखा और फिर अंतिम समय पर कार्यक्रम जानकीचट्टी में रखते हुए सभी लोगों को चौंका दिया।
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