चिन्यालीसौड़। दो मंजिलें मकान से गिरकर घायल हुई बच्ची के इलाज में अनदेखी तथा रेफर किए जाने पर अटेंडेंट नहीं देने से खफा परिजनों ने बृहस्पतिवार रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौैड़ के स्टाफ के साथ बदसलूकी तथा मारपीट की। इसके विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों ने शुक्रवार को दोे घंटे कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। पुलिस की ओर से तीमारदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद ही अस्पतालकर्मी काम पर लौटे।
बृहस्पतिवार को मोरगी निवासी नंदन सिंह की तीन वर्षीय बेटी दो मंजिले मकान से गिरकर घायल हो गई थी। परिजन उसे सीएचसी चिन्यालीसौड़ लाए, लेकिन सिर पर गंभीर चोट के कारण डॉ. योगिता ने बच्ची को देहरादून रेफर कर दिया। जब तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से सफर के लिए अटेंडेंट की मांग की तोे अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ की कमी बताई। इस पर तीमरदार उखड़ गए और अनदेखी का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों और स्टाफ के साथ बदसलूकी और मारपीट पर उतर आए। इस पर अस्पताल कर्मियों ने धरासू थाने की पुलिस और एसपी से शिकायत की। जब सुबह तक तीमारदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने मरीज के पिता और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी उत्तम चंद रमोला ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ 323, 353 और 504 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। परिजन मरीज कोे इलाज के लिए देहरादून लेकर गए हैं, जिस कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।