उत्तराखंड में चल रही सियासी उठा पटक के बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दे दिया है। कोर्ट ने आगामी 10 मई को उत्तराखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने के लिए निर्देश दिए। वहीं कोर्ट ने कहा कि बागी विधायकों इस फ्लोर टेस्ट में भाग नहीं लेंगे। बताया गया कि 10 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे के बीच फ्लोर टेस्ट होगा। इसके बाद 11 मई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा परिणाम घोषित किए जाएंगे।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को राज्य में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस पर अपनी सहमति जताई। वहीं मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस के बागी विधायक इन फ्लोर टेस्ट में भाग नहीं ले पाएंगे।
फ्लोर टेस्ट के लिए कोर्ट ने दस मई की तारीख तय की और निर्देश दिया कि बहुमत परीक्षण के दौरान पक्ष विपक्ष के विधायक अलग-अलग बैठें और हाथ उठाकर समर्थन जाहिर करें। कोर्ट ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए।
कोर्ट ने कहा कि फ्लोर टेस्ट में पहले हरीश रावत को मौका दिया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग प्रोटेम स्पीकर करेंगे। कोर्ट ने विधायकों की सुरक्षा के लिए डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी को लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।