उत्तराखंड में सरकार से बगावत करने वाले बागी विधायक हरक सिंह रावत को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत के आग्रह के बाद राज्यपाल केके पॉल ने विधायक को निष्कासित करने पर अपनी मंजूरी दे दी है।
राज्पाल की मंजूरी के बाद मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिन्हा ने बागी विधायक को बर्खास्त करने के आदेश दे दिए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्यपाल से इस संबंध में आग्रह किया था। जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। गौरतलब है कि बागी विधायक हरक सिंह रावत सहित नौ विधायक इस समय सरकार से बगावत कर रहे हैं। दूसरी ओर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि वह 28 मार्च तक अपना बहुमत सिद्ध करें।
उत्तराखंड में ताजा सियासी घटनाक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के आवास पर मुलाकात के बाद सीएम ने कहा कि उनके पास संख्याबल पूरा है। यही नहीं सीएम ने दावा किया कि जो विधायक गए हैं उनमें से पांच उनके संपर्क में है। अगर वे वापस आते हैं तो उन्हें मौका दिया जाएगा।
सीएम ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने दलबदल कानून के तहत कांग्रेस के 9 बागी विधायकों को नोटिस दिया है। गौरतलब है कि कल विधानसभा में कांग्रेस के नौ विधायकों ने सदन में सरकार का विरोध किया था।
इसके पहले सभी विधायकों ने भाजपा अध्यक्ष के साथ राज्यपाल से मिलकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की थी। देर रात सभी विधायक चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली रवाना हो गए थे।
पीडीएफ ने किया हरीश रावत को समर्थन का दावा
मंत्री प्रसाद नैथानी
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सीएम हरीश रावत ने बागी बने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि वे हेमवंती नंदन बहुगुणा के पुत्र हैं। उन्हें अपने पिता के सम्मान को याद करते हुए अपनी इस ऐतिहासिक भूल का सुधार करना चाहिए।
दोपहर बाद सीएम के बीजापुर आवास पर कांग्रेस के विधायकों के साथ सीएम हरीश रावत ने मुलाकात की। सभी मौजूद विधायकों ने सीएम हरीश रावत को अपना नेता माना।
वहीं सरकार की सहयोगी पीडीएफ ने भी हरीश रावत से मुलाकात कर अपने पूर्ण समर्थन का भरोसा किया है। इसके साथ ही भाजपा विधायक भीमलाल आर्य भी सीएम आवास पर देखे गए।
'हमारे संपर्क में हैं बागी, फोन पर हो रही बात'
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के साथ विधायक
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने प्रेस कांफ्रेंस कर बागी विधायकों के समर्थन में होने का दावा किया है। किशोर ने कहा कि हरीश रावत की सरकार के पास पूर्ण बहुमत है और सरकार को कोई खतरा नहीं हैं।
कहा कि भाजपा के साथ दिल्ली जाने वाले नौ विधायकों में छह उनसे फोन पर संपर्क में हैं। हालांकि उन्होंने इन विधायकों के नामों का खुलासा नहीं किया। नामों के खुलासे पर कहा कि उनका नाम बताने पर उनकी जान को खतरा हो सकता है।
देर रात दिल्ली पहुंचे भाजपा के 26 और कांग्रेस के नौ विधायकों ने राष्ट्रपति से मिलने का वक्त मांगा है। राष्ट्रपति के सामने सभी 35 विधायकों की परेड कराई जाएगी।
वहीं देहरादून में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्यपाल से आज शाम मुलाकात कर ताजा हालात की जानकारी देंगे। थोड़ी ही देर में सीएम हरीश रावत ने बीजापुर आवास पर कैबिनेट की बैठक बुलाई है।