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महिला का आरोपः DGP संग 'फिल्म' नहीं देखी तो छीन ली नौकरी

Wed, 27 Apr 2016 10:27 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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प्रेस कांफ्रेंस के बाद पीड़ित महिला डालनवाला थाने में कंप्लेन दर्ज कराने गई। - फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड पुलिस के महानिदेशक बीएस सिद्धू पर रेलवे की पूर्व महिला कर्मी ने यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि यौन शोषण की शिकायत पर सिद्धू ने उसे नौकरी से बर्खास्त करा दिया।
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महिला का कहना है कि वह 12 साल से न्याय के लिए भटक रही है और मामला ढाई साल से उत्तराखंड शासन में लंबित है। महिला ने कार्रवाई न होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी है। साथ ही उसने डीजीपी से जान का खतरा भी बताया है।

बुधवार को मुंबई से देहरादून पहुंची महिला ने भाजपा नेता रविंद्र जुगरान के साथ प्रेस क्लब में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में आईपीएस बीएस सिद्धू आरपीएफ मुंबई के चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर थे और वह इसी कार्यालय में हेड क्लर्क थी। आरोप है कि इसी दौरान सिद्धू ने शारीरिक शोषण की कोशिश की थी।
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महिला ने आरोप लगाया कि उन्होंने उसे अपने चैंबर में बुलाकर कम्‍प्यूटर पर पोर्न देखने को कहा। लेकिन महिला ने पोर्न देखने से मना कर दिया। सिद्घू पहले से अपने चेंबर में कम्‍प्यूटर पर पोर्न देख रहे थे।

इसके बाद सिद्घू ने महिला को अपने घर चलकर डिनर करने को कहा और कहा कि किसी को पता नहीं चलेगा। लेकिन महिला ने सिद्घू का यह ऑफर भी ठुकरा दिया। सिद्घू ने कहा जहां तुम बोलोगी वहां चलेंगे, लेकिन फिर महिला ने मना कर दिया।

'मेरी बात नहीं मानी तो अंजाम बुरा होगा'

बीएस सिद्घू
महिला ने आरोप लगाया कि बार-बार बीएस सिद्घू की बात मानने से मना करने पर वह गुस्सा गए और महिला को धमकाने लगे कि 'अगर मेरी बात नहीं मानी तो अंजाम बुरा होगा। तुम्हें मेरे साथ चलना ही पड़ेगा।' इसके बाद महिला सिद्घू के चेंबर से बाहर आ गई।

महिला का कहना है कि इरादों में सफल नहीं होने पर सिद्धू ने उसका मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया। उसने उच्चाधिकारियों से लेकर रेलवे मंत्रालय तक शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा सिद्धू ने अपने से जूनियर अधिकारियों की जांच कमेटी बनाकर महिला को सर्विस से बर्खास्त करा दिया।

यह भी आरोप है कि सिद्धू के दबाव में पुलिस ने महिला की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। महिला ने कहा कि वर्ष 2014 में उन्होंने सिद्धू के खिलाफ उत्तराखंड शासन को शिकायत की थी। जिसपर शासन में तैनात उप-सचिव ने पत्र भेजकर शपथपत्र मांगा था। शपथ पत्र लेने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में डीजीपी बीएस सिद्धू से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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'सिद्धू के दबाव में नहीं दर्ज हुई कंप्लेन'

इस बाबत महिला ने 2004 में मुंबई पुलिस ने में कंप्लेन करनी चाही थी, लेकिन कंप्लेन दर्ज नहीं की गई। अब महिला ने उत्तराखंड में महिला आयोग, राज्यपाल के पास न्याय के लिए गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि मेरे साथ बीएस सिद्घू ने मिस बिहेव किया है और इसके लिए उन पर कार्रवाई ‌होनी चाहिए।

आरोपो की हो रही जांच
डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ मुंबई की एक महिला की ओर से की गई शिकायत शासन को पिछले दिनों मिली है। महिला की ओर से लगाए गए आरोप का परीक्षण किया जा रहा है। आरोपों में दम पाया जाता है तो डीजीपी बीएस सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन वह तीन दिन बाद रिटायर हो रहे हैं, इसे आधार बनाकर कोई कार्रवाई करना उचित नहीं है।
-शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव
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