वरिष्ठ भाजपा नेत्री उमा भारती ने कहा कि प्रदेश सरकार का ध्यान सिर्फ जलविद्युत परियोजनाओं की बंदरबांट करने पर रहा। यदि अलकनंदा और मंदाकिनी पर छोटी-छोटी जल विद्युत परियोजनाएं निर्मित होतीं तो आपदा के कहर को कम किया जा सकता था।
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प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन में फिसड्डी रही। मंगलवार को उमा भारती ने आपदा प्रभावित क्षेत्र गोविंदघाट, पांडुकेश्वर का दौरा किया। उन्होंने कहा कि आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है। लेकिन प्रदेश और केंद्र सरकारें प्रभावितों के लिए कोई उचित कदम नहीं उठा पाई है। उन्होंने कहा कि जब तक चारधाम यात्रा पटरी पर नहीं आ जाती प्रदेश सरकार को पर्यटन के जरिए यात्रा रूट को अपडेट करना चाहिए।
आपदा प्रभावितों का हालचाल पूछा
साथ में चल रहे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने भी आपदा प्रभावितों का हालचाल पूछा। प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान कोश्यारी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा से निपटने के लिए कारगर नीति तैयार करनी चाहिए। जिससे आपदा के कहर को कम किया जा सकता है।
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