राष्ट्रपति शासन लगने के बाद उत्तराखंड के अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
रविवार को हरीश रावत देहरादून में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि जिस दिन से वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने तब से केंद्र सरकार उनके और उनकी सरकार के 'खून' की प्यासी थी। राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद हरीश रावत मीडिया से मुखातिब हुए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए राज्यपाल केके पॉल को दिल्ली में धमकाया गया। केंद्र से उत्तराखंड सरकार को कभी सहयोग नहीं मिला। केदारनाथ आपदा और कुंभ में राज्य को बजट नहीं दिया गया। उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के बाद बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या की है।
रावत ने कहा कि 2013 में केदारनाथ आपदा के दौरान भी सरकार गिराने की कोशिश की गई थी। प्रधानमंत्री मोदीजी के हाथ में गंडासा देकर उत्तराखंड सरकार का सिर कलम किया गया है। बीजेपी के इस कृत्य से बाबा अंबेडकर के उसूलों का कत्ल हुआ है।