उत्तराखंड में सियासी उथल-पुथल के बीच एकाएक लालबत्तियों के साथ अधिकांश कांग्रेस और पीडीएफ विधायकों का काफिला रामनगर क्या पहुंचा कि सबकी निगाहें रामनगर में ही टिक गई हैं।
फिलहाल 'नजरबंद' विधायकों के लिए ये रिजॉर्ट 'बिग बॉस' के घर की तरह हो गए हैं। विधायकों की संख्या को देखते हुए उन्हें एक साथ नहीं रख पाने के चलते काफी दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि उनके आराम का पूरा इंतजाम किया गया है।
विधायकों को यहां इतनी जल्दबाजी में लाया गया कि वे रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाला अपना सामान तक नहीं ला पाए। सोमवार को सभी के लिए बाजार से खरीदारी की गई।
इसमें आठ नौ अलग-अलग साइज के ट्रैक सूट तो कई जोड़ी चप्पलें, जूते, सेविंग सामग्री के अलावा दवाइयां, ताजे फल, बोतल बंद पानी की पेटियां आदि सामान खरीदकर अलग-अलग गाड़ियों से अलग-अलग रिजॉर्ट्स में भेजा गया।
त्यौहार के चलते सभी छोटे बड़े रिजॉर्ट्स पैक
उत्तराखंड कांग्रेस विधायक का सामान
- फोटो : amar ujala
होली त्यौहार के चलते सभी छोटे बड़े रिजॉर्ट्स पैक हैं। इसलिए कहीं चार तो कहीं तीन विधायक और कहीं सात विधायक अलग-अलग रिजॉर्ट्स में ठहराने पड़े हैं जिससे इनकी आवभगत व सुरक्षा को लेकर प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कई विधायकों के फोन बजते रहे जो उठे नहीं। हालांकि, इनकी लोकेशन ढिकुली क्षेत्र के रिजॉर्ट्स और आसपास मिली है। जो लोग भगराकोट, कालाखंड, जमूड़ में रुके हैं वहां फोन काम नहीं करता है।
नहीं उतर पाए प्रीतम सिंह व ममता
सोमवार को डेढ़ बजे प्रीतम सिंह पंवार के साथ ममता राकेश को भी हेलीकॉप्टर से रामनगर उतरना था। इसके लिये महाविद्यालय में अस्थायी हैलीपैड बनाया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और फायर बिग्रेड की गाड़ियां खड़ी थीं। लेकिन मीडिया का यहां जमावड़ा लगने के कारण वह देर शाम तक नहीं उतर पाए।
मुख्यमंत्री के आने की भी चर्चा
तीन दिन से रामनगर में मंत्रियों, विधायकों का जमावड़ा लगने के चलते स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद है। सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत के आने की भी चर्चा होने लगी जिस कारण तहसील मुख्यालय में लालबत्ती लगी एक इनोवा कार खड़ी की गई थी।