अब इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए शहीद सम्मान यात्रा निकाली जाएगी। इसके अंतर्गत उत्तराखंड के सभी वीर शहीदों के घर पर पहुंचकर उनके घर/आंगन से मिट्टी ली जाएगी। इसका उपयोग सैनिक धाम के निर्माण में किया जाएगा। इससे वीर शहीदों के परिवार और पूरे प्रदेश की जनता सैनिक धाम से भावनात्मक रूप से जुड़ाव अनुभव करेगी।
नेहा जोशी ने कहा कि अब तक हम प्रदेश के 1700 वीर शहीदों के परिवारों की पहचान कर चुके हैं। अन्य वीर शहीदों के विषय में भी जानकारी की जा रही है। यात्रा तक जितने शहीद परिवारों की जानकारी उपलब्ध होगी, हम उन सभी परिवारों तक पहुंचेंगे।
वीरगाथाओं को याद दिलाएगा सैनिक धाम
सैनिक धाम में वीर सैनिकों की वीरता की कहानियां यहां आने वालों तक पहुंचाने के लिए विशेष उपाय किये जा रहे हैं। सैनिक धाम में वीर शहीद बाबा हरभजन सिंह और बाबा जसवंत सिंह के नाम पर मंदिरों की स्थापना भी की जाएगी। एक विशेष ऑडिटोरियम के अलावा यहां लाइट एंड शो का भी प्रबंध होगा, जिसके माध्यम से बच्चों और युवाओं को सैनिकों की कहानी सुनाई जाएगी।