रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर की सड़कों पर यमराज का पहरा है। 112 दिन में 60 से ज्यादा मौतें वाहनों की चपेट में आकर हुई हैं लेकिन चालक आज भी अज्ञात और फरार हैं।
यह स्थिति तब है जब जिले में 1300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। चालक सड़क पर लाशें बिछा कर फरार हो जाते हैं। पुलिस के नाकाबंदी के दावे कंट्रोल रूम तक ही सीमित रह गए हैं।
जिले में रफ्तार का जुनून और सिस्टम की लापरवाही के बीच आम आदमी की जान की कीमत कौड़ियों के भाव रह गई है। पिछले करीब साढ़े तीन महीनों में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सड़क हादसों के कई ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं जिनमें जान लेने वाले वाहन और चालक का आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
पुलिस की फाइलों में ये मामले अज्ञात के खिलाफ दर्ज होकर धूल फांक रहे हैं। जिले के मुख्य चौराहों और हाईवे पर करोड़ों की लागत से लगे सीसीटीवी कैमरे नाकाफी साबित हो रहे हैं।
टांडा जंगल, किच्छा बाईपास, और काशीपुर-मुरादाबाद हाईवे जैसे संवेदनशील इलाकों में हुए हादसों में हिट एंड रन के बाद आरोपी वाहन चालक आसानी से फरार होने में सफल रहे।
हकीकत यह है कि रात के अंधेरे में भागने वाले वाहनों को ट्रेस करने का कोई पुख्ता डिजिटल नेटवर्क जिले में मौजूद नहीं है। आंकड़े भी बयां कर रहे है कि चालक पुलिस को चकमा देकर फरार हैं और प्राथमिकी में अज्ञात बने हुए हैं।