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फैक्ट्री की छत से गिरकर श्रमिक की मौत

Sun, 09 Jul 2017 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर
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 पेपर मिल की छत पर टिन की चादर में वेल्डिंग करते समय गिरकर वेल्डर की मौत हो गई। ठेकदार ने शव उसके घर पहुंचा दिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हरियावाला चौक पर शव रखकर हंगामा किया और मुआवजा देने की मांग उठाई। ठेकदार और मृतक के परिजनों को फैक्ट्री प्रबंधन ने वार्ता के लिए बुलाया। फैक्ट्री प्रबंधन ने मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
रविवार शाम साढ़े तीन बजे ठाकुरद्वारा मार्ग स्थित एक पेपर मिल में छत पर टिन की चादर वेल्डिंग करते समय वेल्डर आसिफ (19) पुत्र महबूब आलम निवासी ग्राम गुलड़िया नीचे गिर गया। खबर फैलते ही मजदूर एकत्र हो गए। आसिफ ठेकेदार आरिफ के साथ काम करता था। आरिफ घायल को लेकर हरियावाल के एक प्राइवेट अस्पताल ले गया, जहा डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इस पर ठेकेदार शव को लेकर मृतक के घर पर गुलड़िया छोड़कर वापस फैक्ट्री लौट आया। जवान बेटे का शव देख गरीब परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग जमा हो गए। लोग शव कार में रखकर फैक्ट्री के निकट हरियावाला चौक ले गए। वहां उन्होंने मुआवजा की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने सूर्या चौकी का भी घेराव किया। तब लोग सूर्या चौकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह के साथ फैक्ट्री प्रबंधक व लेबर कांट्रेक्टर से वार्ता करने गए, लेकिन फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्डों ने काफी देर तक गेट नहीं खोला। कुंडा थाना प्रभारी सुधीर कुमार के लिए भी गेट नहीं खोला तो वह लौट आए। बाद में गेट खुला तब ग्रामीण चौकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह के साथ अंदर बैठे फैक्ट्री प्रबंधकों के प्रतिनिधि रमेश चौबे और लेवर कांट्रेक्टर आरिफ से वार्ता करने गए। श्रमिक ठेकेदार आरिफ ने बताया आसिफ वेल्डिंग करते समय पीछे को गिरकर बहोश हो गया। डॉक्टर के पास ले जाने पर उन्होंने मृत घोषित कर दिया। 
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फैक्ट्री प्रबंधन के प्रतिनिधि रमेश चौबे ने बताया कि मालिक बाहर गए हैं सोमवार को लौट आएंगे। यहां मुआवजा पर जो भी सहमति बनेगी। वह मान जाएंगे। मुआवजा की राशि को लेकर मृतक के परिजनों और लेबर कांस्ट्रेक्टर व फैक्ट्री प्रतिनिधि के बीच लंबी वार्ता हुई और मुआवजा देने पर सहमति बन गई। उसके बाद मृतक के परिजन शव लेकर घर चले गए।
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घर में अकेला कमाने वाला था
काशीपुर। आसिफ गरीब परिवार का था। परिवार में उसके माता-पिता व दो छोटे भाई आरिफ (12) व तोइफ (10) और दो छोटी बहनें है। परिवार को बोझ आसिफ पर ही था। बताया जाता है कि आसिफ ने अगर सेफ्टी बेल्ट पहनी होती तो वह नीचे नहीं गिरता।
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