नानकमत्ता में सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन करती महिलाएं।
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नानकमत्ता। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 18 वर्ष पूर्व बनी सड़क की दुर्दशा पर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। किसी भी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी की ओर से अब तक सड़क निर्माण की सुध न लेने से सैकड़ों आक्रोशित महिलाओं ने सड़क पर उतर कर आक्रोश व्यक्त किया।
पीएमजीएसवाई के तहत 2003 में पिछली सुनखरी, धूमखेड़ा, कोदाखेड़ा को राष्ट्रीय राज्य मार्ग से जोड़ने के लिए बनी सड़क देखरेख के अभाव में बुरी तरह टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क में एक से डेढ़ फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे आए दिन दोपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों की ओर से जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों से सड़क के पुनर्निर्माण की कई बार मांग की गई। सुनवाई न होने पर हताश ग्रामीणों ने पिछले दिनों सड़क बनाओ संघर्ष समिति का गठन किया।
बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने समिति के बैनर तले सड़क पर उतर कर जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया। समिति के अध्यक्ष रजनेश राणा ने कहा कि पिछली सुनखरी को अन्य ग्रामों को जोड़ने वाले सभी मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। ग्राम नगला से सुनखरी तक गन्ना विकास समिति की ओर से बनाई गई सड़क भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों से मांग के बावजूद अभी तक किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। संघर्ष समिति सड़क निर्माण के लिए शीघ्र जनप्रतिनिधियों तथा उच्चाधिकारियों का घेराव करेगी। वहां समिति उपाध्यक्ष कमल वोहरा, नवीन सिंह राणा, लता देवी, सरस्वती देवी, किरण देवी, अनीता चंद, कलावती चंद, शांति देवी आदि थे।