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शहरों की तरह गांव भी होंगे स्मार्ट, लगेंगे पानी के मीटर

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रुद्रपुर के पेयजल निगम कार्यालय में बैठक करते इंजीनियर व अधिकारी। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। शहरों की तर्ज पर वर्ष 2024 के बाद गांवों में भी पानी के बिल के लिए उपभोक्ताओं के घर मीटर लगाए जाएंगे। मीटर की रीडिंग के आधार पर ही उपभोक्ताओं से पानी का बिल वसूला जाएगा। पेयजल निगम को जिले के किसी एक गांव को चयनित कर शहर की तरह ही स्मार्ट बनाने के निर्देश मिले हैं।
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पेयजल निगम की अमृत योजना के तहत वर्तमान में शहरी उपभोक्ताओं के घरों में पानी के मीटर लगाए जा रहे हैं। बिजली के बिल की तरह ही जितना पानी खर्च किया जाएगा उतना ही पानी का बिल उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा। इसी की तर्ज पर केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन के हर घर नल योजना से वर्ष 2024 तक जिले की ग्राम पंचायतों के दो लाख आठ हजार 469 परिवारों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने हैं। पेयजल निगम व जलसंस्थान की ओर से वर्तमान तक 90 हजार 789 परिवारों को पानी के कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं।
केंद्र सरकार की ओर से दिए गए वर्ष 2024 तक के समय के बाद योजना खत्म होते ही जिले के किसी एक गांव को शहर की तरह ही पानी के मीटर लगाए जाएंगे। इसको लेकर पेयजल निगम के इंजीनियरों की ओर से ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर गांव का चयन किया जाएगा। पेयजल निगम की ईई मृदुला सिंह ने कहा कि शासन की ओर से जेजेएम योजना खत्म होने के बाद किसी एक गांव को ट्रायल के तौर पर स्मार्ट गांव बनाने के निर्देश मिले हैं। स्मार्ट गांव में उपभोक्ताओं के घरों में पानी के मीटर लगाए जाएंगे। मीटर लगने से उपभोक्ता कितना पानी खर्च कर रहा है इसका ब्यौरा भी मिल सकेगा।
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जेजेएम में 700 करोड़ की 290 डीपीआर मंजूर
रुद्रपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना जल जीवन मिशन को वर्ष 2024 तक पेयजल निगम व जल संस्थान को हर हाल में पूरा करना है। इसे लेकर इंजीनियरों की ओर से युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। जिले में 310 डीपीआर के सापेक्ष 290 डीपीआर पर शासन की ओर से मंजूरी मिल गई है। इसका बजट 700 करोड़ रुपये रखा गया है। जल्द ही इनमें टेंडर प्रक्रिया शुरू होने वाली है। संवाद
हर गांव में तैनात होंगे 10वीं पास प्लंबर, फिटर और इलेक्ट्रीशियन
रुद्रपुर। केंद्र सरकार की वर्ष 2024 में जल जीवन मिशन योजना खत्म होने के बाद हर गांव से एक-एक प्लंबर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन को रोजगार दिया जाएगा। ग्राम उपभोक्ता एवं पेयजल स्वच्छता समिति की ओर से टेक्नीशियनों को मानदेय दिया जाएगा। इससे विकास के साथ ही बेरोजगारों को भी काम मिलेगा।
सोमवार को रुद्रपुर पेयजल निगम कार्यालय में जिले भर के इंजीनियरों व सरकारी अधिकारियों की जेजेएम की प्रगति को लेकर बैठक हुई। इसमें ग्राम पंचायतों में जल से संबंधित शोध संवर्धन कार्य, स्वच्छ भारत मिशन, ग्रे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट आदि के कार्य पर चर्चा की गई। ग्राम पंचायत सचिवों की ओर से हर गांव में एक प्लंबर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन आदि को चिह्नित किया जा रहा है।
इनकी योग्यता न्यूनतम 10वीं पास होनी चाहिए। जिले के 16 आईएसए (इंपलीमेंट सपोर्ट एजेंसी) की ओर से ही इन प्लंबर, फिटर को प्रशिक्षण देने आदि का कार्य किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ग्राम उपभोक्ता व पेयजल समिति की ओर से इनको मानदेय दिया जाएगा। वहां पेयजल निगम की ईई मृदुला सिंह, ईई रवि लोशाली, ईई पंचानंद चौधरी, ईई तरुण शर्मा, एई पल्लवी चौधरी, जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी आदि थे।
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