काशीपुर में बहला नदी के उफान से मालवा फार्म और हेमपुर इस्माइल में बाढ़ के हालात हैं। ऐसे में प्रभावितों ने प्रशासन से बाढ़ से निजात के लिए स्थायी समाधान की मांग की है। सोमवार को संवाद टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पड़ताल की।
बहला नदी के तेज बहाव से मालवा फार्म में बाढ़ आ गई। निरंतर बारिश से पानी लोगों के घरों में घुस गया। लोग आनन-फानन में घर के अंदर भू तल पर रखा सामान प्रथम तल पर शिफ्ट करने लगे। इस दौरान वंदना द्विवेदी, मीना ठाकुर, रेखा जोशी, राधा देवी और गीता कांडपाल ने पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी हमारे घरों में नदी का पानी घुस गया था। इससे करीब डेढ़-डेढ़ लाख का नुकसान हुआ था, लेकिन प्रशासन ने मात्र पांच हजार का मुआवजा देकर टरका दिया था। इस बार फिर से बाढ़ आ गई है। बीते एक साल में पिचिंग का कार्य पूर्ण नहीं कराया गया है। सिर्फ पत्थर की दो लेयर पर मिट्टी भरे कट्टे लगाकर लीपापोती कर दी गई है। इस बार भी भारी नुकसान होने का अनुमान है। प्रशासन हमसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने को कह रहा है। हमारे घरों का पैसा दिलवा दो, हम चले जाएंगे।
बहला नदी का जलस्तर घटने लगा है। प्रशासन बाढ़ क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। स्थिति नियंत्रण के बाहर होने पर हेमपुर इस्माइल नई बस्ती और मालवा फार्म के प्रभावितों को राधेहरि पीजी कॉलेज में शिफ्ट किया जाएगा।
-अभय प्रताप सिंह, एसडीएम काशीपुर
लेवड़ा नदी उफनाई, मुख्य मार्ग और रामराज रोड जलमग्न
बाजपुर में लगातार हो रही बारिश से सोमवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लेवड़ा नदी के उफनाने से शहर का मुख्य बाजार, बेरिया दौलत रोड, रामराज रोड जलमग्न हो गया है। मुख्य मार्ग स्थित कॉलेज मार्केट सहित अन्य दुकानों में भी बाढ़ का पानी घुस गया। वहीं हल्द्वानी स्टेट हाईवे जलमग्न होने से यातायात बाधित रहा। इस दौरान हाईवे पर कई वाहन फंस गए, जिन्हें ट्रैक्टर से खींच कर निकाला गया।
तेज बारिश के कारण आई बाढ़ को देखकर लोगों को पिछले वर्ष की बाढ़ की याद आ गई। नगर की टीचर कॉलोनी, पहाड़ी कॉलोनी, राजीव नगर, इंदिरा कालोनी, बांके नगर और शहर से सटे गांव चकरपुर, हुलसनगंज, बरहैनी नई सड़क, जबरान और चीनी मिल की नई बस्ती क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है। यहां लोगों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे हालात दयनीय होते जा रहे हैं। घरों में रखा सामान भी जलभराव से खराब हो रहा है। इधर, गांव कनोरा क्षेत्र में काशीपुर-रुद्रपुर हाईवे पर जलभराव से यातायात प्रभावित रहा। साथ ही गांव में नाला बंद होने से लोगों के घरों में पानी घुसा। लोगों ने नाले को खुलवाने की मांग की। लोगों का कहना है कि हर बरसात में यह समस्या रहती है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। वहीं रेलवे का अंडरपास भी पानी से लबालब भरा हुआ है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया बाढ़ग्रस्त इलाकों का भ्रमण
धरातल पर नहीं हुआ काम
पालिकाध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते ने कहा कि 12 मार्च को सीएम धामी ने बाजपुर आगमन पर लेवड़ा नदी की बाढ़ से निजात दिलाने की घोषणा की थी। इसके लिए तीन करोड़ 51 लाख रुपये की धनराशि मंजूर भी की गई, लेकिन धरातल पर काम नहीं हुआ। केवल लेवड़ा नदी पुल से लेकर चकरपुर, गुमसानी तक सफाई कार्य किया गया। उन्होंने कहा क पानी निकासी के लिए बेरिया दौलत रोड और चकरपुर में लेवड़ा नदी पुल के चौड़ीकरण करने की जरूरत है।
खेतों में पानी भरने से किसान घबराए
सुल्तानपुर पट्टी में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से धान, पन्ना, मिर्च, मक्का और सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है। लगातार हो रही बारिश के कारण फसलें पानी में डूब गई हैं। किसान पानी को देखकर चिंता में हैं। लंबे समय तक खेतों में पानी के भरे रहने से फसल गिरकर नष्ट हो सकती है। ऐसे में किसानों में फसल के नुकसान को लेकर डर बना हुआ है। वहीं, लगातार हो रही बारिश से नगर में जगह-जगह पानी भर गया है। इससे लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है।