आईसीयू में रखने के बाद तबीयत में सुधार होने पर डरी-सहमी नाबालिग ने बमुश्किल पुलिस को आपबीती बताई और समझाई। पुलिस के मुताबिक, ताऊ ने नाबालिग की दिव्यांगता का फायदा उठाया। सोचा कि दिव्यांग के साथ घिनौनी हरकत की भी तो वह किसी को कुछ नहीं बता पाएगी। हालांकि परिजनों को इस बात का पता चल गया था। पारिवारिक सदस्य की हरकत को सार्वजनिक करने पर लोकलाज के भय से सभी चुप रहे और सभी ने मिलकर बच्ची को कभी न भूलने वाला दर्द दे डाला।शनिवार को आईसीयू में भर्ती गर्भवती नाबालिग के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो पुलिस ने उसके बयान दर्ज कराए।
पुलिस ने हौसला दिया तो डरी-सहमी नाबालिग अपने साथ घटी घटना का खुलासा करने में सफल रही। उसने बताया कि ताऊ उसके घर के बगल में रहता है। उसने उसकी दिव्यांगता का फायदा उठाते हुए एक दिन घर में अकेली पाकर उसके साथ दरिंदगी की। इसके बाद यह सिलसिला जारी रहा तो परिजनों को भी एक दिन उसकी हरकत का पता चल गया। लोकलाज के भय से सभी चुप रहे। संयोग से नाबालिग को दौरा पड़ा तो इलाज के लिए उसे अस्पताल लाना पड़ा और उसके साथ हुई यह दरिंदगी और ताऊ की घिनौनी हरकत सार्वजनिक हुई। परिजन भी नहीं चाहते थे कि ताऊ को उसकी करनी की सजा और नाबालिग को न्याय मिले। यही कारण है कि अब तक भी पुलिस के कई बार करने के बाद परिजनों ने आगे बढ़कर ताऊ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की हिम्मत जुटाई है। पुलिस ने स्वत:प्राथमिकी दर्ज की है। अब नाबालिग के बयान दर्ज हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी होगी।