जसपुर में जाम लगाने के मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद शिक्षा मंत्री और विधायकों को राज्य सरकार से मदद की आस है। नियत तिथि से पूर्व सरकार इसे लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर सकती है।
जून 2012 में जसपुर में एक युवती की बरामदगी की मांग को लेकर भाजपा नेताओं संग लोगों ने हाईवे को बाधित कर दिया था। इस मामले में में पूर्व सांसद बलराज पासी, काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा, गदरपुर विधायक (अब शिक्षा मंत्री) अरविंद पांडेय, रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, आदेश चौहान (अब जसपुर विधायक) समेत 15 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में हाईकोर्ट से भी राहत न मिलने पर राज्य सरकार ने मुकदमा वापस लेने की घोषणा की थी लेकिन कोर्ट ने इसे जनहित में नहीं मानते हुए मुकदमा वापसी की अर्जी खारिज कर दी। इसके खिलाफ दायर निगरानी याचिका भी बेअसर रही। कोर्ट ने इस मामले में वांछित 16 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी अधिपत्र जारी कर दिए हैं। इसके बाद से शिक्षा मंत्री व विधायकों समेत अन्य आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है।
मंत्री व विधायक इस मामले को लेकर सीएम के संपर्क में हैं। विधायक हरभजन सिंह चीमा ने बताया कि जसपुर पुलिस 20 दिन बाद भी युवती को बरामद नहीं कर सकी थी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जनहित में प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में कोर्ट से राहत न मिलने के बाद वे सभी अब शासन के संपर्क में हैं। शिक्षा मंत्री और अन्य विधायकों की प्रदेश के सीएम त्रिवेंद्र रावत से बात हो चुकी है। सरकार ने हाईकोर्ट में पैरवी करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस मामले में निस्तारित निगरानी याचिका के खिलाफ राज्य सरकार नैनीताल हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करेगी। इसके लिए राज्य के न्याय विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है।