खलिया टॉप और मुनस्यारी क्षेत्र में रात्रि कैंपिंग पूरी तरह वर्जित रहेगी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब पर्यटन नगरी में किसी भी प्रकार की रात्रि कैंपिंग नहीं हो सकेगी। क्षेत्र में उच्च ध्वनि का संगीत और अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण फैलाना भी वर्जित होगा।
मुनस्यारी में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों की पहली पसंद बुग्याल होते हैं। लगातार आवाजाही और बुग्यालों में अजैविक कूड़ा-करकट छोड़ने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसे देखते हुए अब वन विभाग ने रात्रि कैंपिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
वन क्षेत्र अधिकारी लवराज सिंह पांगती ने बताया कि खलिया बुग्याल में कैंपिंग की अनुमति वन क्षेत्र अधिकारी से प्राप्त करनी होगी। इसके लिए एक सप्ताह पहले आवेदन करना होगा। आवेदनपत्र पर विचार के बाद शर्तों के साथ कैंपिंग की अनुमति दी जाएगी।
कैंपिंग के लिए अधिकृत पर्यटकों को अपने साथ लाए गए जैविक और अजैविक सामग्रियों की सूची टूरिस्ट एंट्री काउंटर पर दर्ज करानी होगी। खलिया प्रवेश द्वार के भीतर किसी भी प्रकार का कैंप फायर वर्जित होगा। इसके लिए वन विभाग लगातार निगरानी भी करेगा।