ऊधमसिंह नगर दुग्ध संघ का दूध अब उन सभी जगह पर आसानी से उपलब्ध होगा, जहां आमतौर पर समय से ताजा दूध नहीं पहुंच पाता है। जिले के दुग्ध संघ के दूध की उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन के माध्यम से दिल्ली में टैट्रा पैकिंग शुरू हो गई है। तीन से छह परत में पैक होने वाला यह पैकेट वाला दूध तीन महीने तक खराब नहीं होगा।
खटीमा स्थित ऊधम सिंह नगर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में वर्तमान में जिले की 430 दुग्ध समितियों के माध्यम से करीब 32000 लीटर दूध प्रतिदिन एकत्रित हो रहा है। दूध की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों में भी इसकी मांग है लेकिन दूरस्थ स्थानों तक दूध पहुंचाने में अधिक समय लगने के कारण दूध खराब हो जाता है। इसे देखते हुए अब दिल्ली मदर डेयरी की तर्ज पर उत्तराखंड में भी पहली बार ऊधमसिंह नगर दुग्ध संघ ने दूध की टैट्रा पैकिंग शुरू कर दी है।
इसके लिए दुग्ध संघ से करीब 10,000 लीटर दूध टैट्रा पैकिंग के लिए दिल्ली स्थित क्वालिटी डेयरी में भेजा जा रहा है। यह पैकिंग एक लीटर और 200 एमएल के पैकेट में हो रही है। यह दूध बाजार में 78 रुपये लीटर की दर से उपलब्ध होगा। इसके अलावा सितारगंज में भी टैट्रा पैकिंग के लिए यूनिट खोलने की तैयारी चल रही है।
ऊधमसिंह नगर दुग्ध संघ के दूध की टैट्रा पैकिंग शुरू हो गई है। इससे दूध की समय अवधि 90 दिन बढ़ जाएगी। इस दूध को दूरस्थ स्थानों पर भी आसानी से पहुंचाया जा सकता है। जिन स्थानों में दूध कम होता है, वहां लोग तीन माह तक इस दूध के पैकेट को स्टोर कर सकते हैं।
- अनुराग शर्मा, प्रधान प्रबंधक, दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ
फ्लेवर मिल्क की खटीमा में ही हो रही पैकिंग
ऊधमसिंह नगर दुग्ध संघ में लंबे समय से बोतल में फ्लेवर मिल्क की टैट्रा पैकिंग हो रही है। यह दूध छह महीने तक खराब नहीं होता, लेकिन पैकेट की टैट्रा पैकिंग की अभी सुविधा नहीं होने के कारण दूध को टैट्रा पैकिंग के लिए दिल्ली भेजा जा रहा है।
क्या है टैट्रा पैकिंग
टैट्रा पैकिंग में दूध को कुछ सेकेंड के लिए एक निश्चित तापमान पर गर्म किया जाता है। इसके बाद दूध को ठंडा किया जाता है। टैट्रा पैकिंग में उपलब्ध होने के कारण इस दूध की समय अवधि अधिक होती है।