रुद्रपुर/बाजपुर। करीब दस दिन से सुर्खियों में चल रहे बाजपुर के पिपलिया गोलीकांड के मुख्य आरोपी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव अविनाश शर्मा और उसके साथी नीरज सोनी को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से तीन लग्जरी वाहन और चार लाइसेंसी असलहे भी बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गोलीकांड मामले में मुख्य आरोपी के पुत्र समेत पांच अभी फरार हैं।
रुद्रपुर पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी डॉ. मजूनाथ टीसी ने बताया कि 26 अप्रैल की रात रुपयों के लेन-देन के चलते बाजपुर के गांव केशोवाला निवासी अविनाश शर्मा और उसके पुत्र विराट देेवगन ने गांव पिपलिया निवासी नेत्र प्रकाश शर्मा के घर पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। नेत्र प्रकाश की तरफ से भी जवाबी फायरिंग हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल से 25 खोखे बरामद किए थे। गोलीबारी में मिलक खानम रामपुर निवासी कुलवंत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हो गए थे।
एसएसपी ने बताया कि अविनाश और उसके बेटे के साथ उनके 12 गुर्गे भी मौजूद थे, जो तीन गाड़ियों में सवार होकर नेत्र प्रकाश के घर पहुंचे थे। अविनाश के साथ उसका पुत्र विराट, केशोवाला निवासी हरविंदर, विराहा फार्म बाजपुर निवासी हरप्रीत उर्फ हैप्पी, बाजपुर निवासी मोहित अग्रवाल, बाजपुर निवासी दीपक शर्मा, बग्गी फार्म रामपुर निवासी कुलवंत सिंह, खम्बारी बाजपुर निवासी तेजेंद्र सिंह उर्फ जंटू, पीपल वाली गली बाजपुर निवासी कुनाल उर्फ कन्नू, केशोवाला निवासी सालिम, कामरान, हरकेवल सिंह व बाजुपर निवासी नीरज सोनी थे।
शुक्रवार सुबह मुख्य आरोपी अविनाश और उसके साथी नीरज को बाजपुर थाने के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी निशानदेही पर तीन लग्जरी गाड़ियां और चार लाइसेंसी असलहे बरामद किए गए, जिनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि अब तक गोलीकांड मामले में मुख्य आरोपी अविनाश सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार विराट देवगन, हरविंदर, कुलवंत सिंह, कुनाल उर्फ कन्नू व हरकेवल सिंह फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रहीं हैं। अविनाश और उसके सभी साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अविनाश और नीरज को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
अधिवक्ता ने दी अविनाश के पक्ष में सफाई
बाजपुर। मुख्य आरोपी अविनाश शर्मा के अधिवक्ता सतपाल सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव अविनाश शर्मा का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। 26 अप्रैल को अविनाश मौके पर नहीं थे। उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। पुलिस के वारंट लेने पर अविनाश ने शुक्रवार को खुद सरेंडर किया है। सरेंडर से पहले दोनों आरोपियों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो को लेकर क्षेत्र में खूब चर्चा रही। कहा जा रहा है कि शेष तीन आरोपी भी एक-दो दिन में सरेंडर कर सकते हैं। संवाद
अविनाश को झूठा फंसाया : जितेंद्र
बाजपुर। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा उर्फ सोनू ने कहा कि अविनाश शर्मा को राजनीति के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। पुलिस प्रशासन गलत तरीके से उन पर दबाव बना रहा था इसलिए वे खुद पुलिस के समक्ष सरेंडर हो गए। उन्हें इस मामले में न्याय की उम्मीद है। संवाद
रुद्रपुर में पुलिस की गिरफ्त में मुख्य आरोपी अविनाश शर्मा व उसका साथी। संवाद- फोटो : RUDRAPUR