रुद्रपुर। नीरज कुमार हत्याकांड में पिता और तीन पुत्रों समेत पांच लोगों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल की अदालत ने आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इनमें एक आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष कठोर कारावास के साथ ही 25 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता नंदन सिंह धामी ने बताया कि जनवरी 2019 को संजय नगर खेड़ा निवासी नीरज कुमार का दुर्गा मंदिर में मंदिर कमेटी के पूर्व पदाधिकारी सुभाष विश्वास के साथ विवाद हो गया था। नीरज ने सुभाष पर मंदिर कमेटी के पैसे हड़पने का आरोप लगाया था। दोनों में कहासुनी हो गई थी। सुुुुभाष के कहने पर उसके तीन पुत्रों संजू विश्वास, अविनाश और सूरज के साथ ही उनके एक अन्य साथी रंजीत सरकार ने नीरज के साथ मारपीट की। विवाद बढ़ने पर संजू ने नीरज के ऊपर तमंचे से फायर झोंक दिया जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया।
उन्होंने नीरज को बचाने के लिए पहुंचे उनके भतीजे राजू पर भी फायरिंग की लेकिन वह बाल-बाल बच गया। गंभीर हालात में नीरज को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजू की तहरीर पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ हत्या का मुकदमा किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चला। जिला शासकीय अधिवक्ता नंदन सिंह धामी ने 14 गवाह पेश किए और आरोप सिद्ध कर दिया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल खिमाल ने पांचों आरोपियों सुुुुभाष विश्वास, संजू विश्वास, अविनाश, सूरज और रंजीत सरकार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुुर्माना भी लगाया। संजू पर आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष कठोर कारावास के साथ ही 25 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया।