रुद्रपुर। सत्ता में वापसी के लिए छटपटा रही कांग्रेस में अंदरखाने सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। यह बात शनिवार को तब जगजाहिर हुई जब अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस दो धड़ों में बंटी दिखी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी गदरपुर तहसील में सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंचे। वहीं किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ एकला चलो के संग कलक्ट्रेट में अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंच गए। एक ही मांग को लेकर दो-दो जगह हुए धरना-प्रदर्शन के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
शनिवार को कांग्रेस ने गदरपुर तहसील व रुद्रपुर कलक्ट्रेट में अंकित भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हुंकार भरी। दोनों जगहाें पर कांग्रेसी भीड़ जुटाने में सफल रहे। गदरपुर में पार्टी के नेता प्रतिपक्ष व उपनेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में कांग्रेसी पहुंचे।
विधायक बेहड़ अपने समर्थकों के साथ दिखे। रुद्रपुर के जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा व बेहड़ के बीच राजनीतिक नूराकुश्ती बीते दिनों सामने आई थी। जब जिलाध्यक्ष के लिए हिमांशु के नाम की घोषणा हुई। असल में बेहड़ किसी व्यापारी नेता को जिलाध्यक्ष बनने के लिए जोर आजमाइश में लगे थे। तब उन्होंने यहां तक कहा था कि इसका खामियाजा देर सबेर पार्टी को उठाना पड़ेगा।
शनिवार को गावा समेत रुद्रपुर के कई पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने गदरपुर कूच किया। कांग्रेस पार्टी के ही लोग इस चर्चाओं को बल दे रहे हैं कि चुनाव से पहले यही स्थिति रही तो पार्टी को नुकसान झेलना पड़ सकता है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या व उपनेता प्रतिपक्ष का बयान जानने के लिए संपर्क किया, लेकिन दोनों का फोन नहीं उठा।
हमारा कार्यक्रम पहले से तय था। विरोध कार्यक्रम हर ब्लाॅक में हो रहा है। इसलिए गदरपुर व रुद्रपुर में कांग्रेसियों ने अंकिता भंडारी के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विरोध जताया। - तिलकराज बेहड़, विधायक किच्छा