पुलिस व एसओजी की टीम की गिरफ्त में शूटर उदय (सफेद टीशर्ट में) व रिंकू (काली टीशर्ट में)। संवाद
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रुद्रपुर। जिला न्यायालय परिसर में बुधवार को पकड़े गए हथियारबंद बदमाश तीन साल पहले किच्छा में हुए प्रॉपर्टी डीलर समीर हत्याकांड के आरोपी को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने आए थे। पुलिस ने दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। चार लोग अभी फरार हैं। पुलिस ने संदेह के आधार पर पकड़े गए दो लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। इस घटना में पंजाब के कुछ शूटरों के शामिल होने की भी आशंका है।
बृहस्पतिवार को पुलिस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि हल्द्वानी उप कारागार में बंद समीर हत्याकांड के तीन आरोपियों की बुधवार को जिला न्यायालय रुद्रपुर में पेशी होनी थी। इस हत्याकांड के आरोपी बहेड़ी (यूपी) निवासी अंग्रेज सिंह उर्फ रिंकू को पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने की साजिश रचे जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। एसएसपी के नेतृत्व में एसपी क्राइम, सीओ, एसओजी समेत पंतनगर, सिडकुल और ट्रांजिट कैंप थाना-चौकी की संयुक्त टीम ने न्यायालय परिसर में घेराबंदी कर सघन चेकिंग की। इस दौरान सफेद रंग की कार को रोककर उसमें सवार गणेश नगर दिल्ली निवासी रिंकू कुमार और मजराशिला गदरपुर निवासी उदय वीरेंद्र सिंह उर्फ सन्नी विर्क की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान रिंकू के पास से पिस्टल और पांच कारतूस मिले जबकि उदयवीर के पास एक लोडेड तमंचा और जेब में एक कारतूस मिला।
डीआईजी ने बताया कि पकड़े दोनों बदमाश शातिर शूटर हैं। रिंकू रुद्रपुर के बहुचर्चित पार्षद अपहरण कांड में भी शामिल था, जबकि उदयवीर गदरपुर में ढाबे में हुए सिपाही हत्याकांड में भी शामिल था। न्यायालय में पेशी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस मौके पर एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसपी क्राइम हरीश वर्मा और सीओ अभय सिंह भी मौजूद थे।
कोर्ट रूम में गोलियां चलाकर दहशत फैलाने की योजना थी
रुद्रपुर। डीआईजी के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों ने पूूछताछ में बताया कि समीर हत्याकांड में उनका साथी अंग्रेज सिंह जेल में बंद है। उसे जमानत नहीं मिल पा रही है। इस कारण उन्होंने अपने अन्य साथियों दिनेशपुर निवासी जुगराज उर्फ जग्गा प्रधान, ट्रांजिट कैंप निवासी प्रबल जौहरी उर्फ सन्नी जौहरी, दानपुर निवासी मोनू चीमा, इंदिरा कालोनी निवासी मोनू चीमा और पंजाब के कुछ बदमाशों के साथ मिलकर अंग्रेज को पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर ले जाने की साजिश रची थी। उनकी योजना कोर्ट रूम के भीतर गोलियां चलाकर दहशत फैलाने और अंग्रेज को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ा ले जाने की थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनके नापाक मंसूबे पूरे नहीं हो सके।