गदरपुर। कोरोना महामारी के दौरान बड़ी उम्मीदों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र्र (सीएचसी) गदरपुर परिसर में स्थापित किया गया ऑक्सीजन प्लांट उपेक्षित पड़ा है। लाखों की लागत से तैयार यह प्लांट ऑपरेटर और तकनीकी स्टाफ के अभाव में नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में विधायक निधि से 23.99 लाख रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट और टिनशेड का निर्माण कराया गया था। सात अक्तूबर 2021 को तत्कालीन डीएम रंजना राजगुरु और भाजपाा विधायक अरविंद पांडेय ने संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ किया था।
शुभारंभ के बाद से ही प्लांट को संचालित करने के लिए न तो स्थायी ऑपरेटर की नियुक्ति हो सकी और न ही तकनीकी स्टाफ की तैनाती की गई। कोरोना काल को छोड़ दिया जाए तो ऑक्सीजन प्लांट का उपयोग नाम मात्र के लिए हुआ है। वर्तमान में प्लांट चालू अवस्था में होने के बावजूद इसे केवल मॉक ड्रिल के दौरान ही चलाया जाता है।
आवश्यकता पड़ने पर जिला मुख्यालय से ऑपरेटर और तकनीकी कर्मियों को बुलाया जाता है जिससे समय पर सेवाएं मिल पाना मुश्किल हो जाता है। करीब 28 बेड की क्षमता वाले सीएचसी गदरपुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग लंबे समय से उठती रही है लेकिन ऑक्सीजन प्लांट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के प्रभावी उपयोग न होने से क्षेत्रीय जनता में निराशा बनी हुई है।
ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिए ऑपरेटर और टेक्निकल स्टाफ की नियुक्ति के लिए जिला मुख्यालय और निदेशालय को प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद ही प्लांट का नियमित लाभ जनता को मिल सकेगा। - डॉ. उपेंद्र रावत, नोडल प्रभारी, ऑक्सीजन प्लांट, सीएचसी गदरपुर