गूलरभोज। ट्रेन की टक्कर से घायल हुए गजराज का इलाज मथुरा से पहुंची पशु चिकित्सकों की टीम कर रही है। हाथी के पिछले पैर और पूंछ में कोई हरकत नहीं हो रही। स्पाइन कॉर्ड में इंजरी की आशंका जताई जा रही है।
शुक्रवार रात गूलरभोज-लालकुआं रेलवे ट्रैक पर निरीक्षण करने वाली स्पेशल ट्रेन ओएमएस से टकराकर घायल हुए हाथी का पिछले 36 घंटे से इलाज किया जा रहा है। शनिवार देर रात मथुरा से एसओएस वन्य चिकित्सकों की स्पेशल टीम इलाज कर रही है।
डॉक्टरों के अनुसार घायल हाथी के पिछले दोनों पैर और पुंछ में कोई हरकत नहीं दिखाई दे रही है। इससे उसकी रीढ़ की हड्डी से नर्वस सिस्टम डाउन होने की आशंका जताई जा रही है। इसके लिए लेजर और इंफ्लमैशन थेरेपी से इलाज किया जा रहा है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी शशिदेव ने बताया कि हाथी के जबड़े में भी चोट होने के कारण वह कुछ नहीं खा पा रहा है जिस कारण फ्लूड थेरेपी से खुराक पूरी कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि सोमवार को स्थिति और साफ हो जाएगी। वहां एसडीओ शशिदेव, रेंजर पीसी जोशी, आरएन गौतम आदि मौजूद रहे।
सात लोगों की टीम कर रही इलाज
घायल हाथी के इलाज को वन विभाग ने गंभीरता से लिया है। प्रभागीय वन अधिकारी यूसी तिवारी ने बताया कि हाथी के ट्रेन से चोटिल होने कि सूचना के दो घंटे के भीतर ही विभागीय पशु चिकित्सा अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे जिन्होंने पेन किलर दिया था। हाथी की हालत गंभीर देखते हुए मथुरा से स्पेशल टीम को बुलाया गया जो शनिवार रात 11:00 बजे तक पहुंच गई थी। पांच सदस्य की इस टीम के साथ दो विभागीय पशु चिकित्सा अधिकारी भी घायल का इलाज कर रहे हैं। हाथी का पिछला हिस्सा सुन्न बताया जा रहा है जिसका थेरेपी के माध्यम से इलाज किया जा रहा है।
लोको पायलट के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
उप प्रभागीय वन अधिकारी शशि देव ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर हाथी को टक्कर मारने वाले लोको पायलट राज ऋतु के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सेक्शन 9 के तहत केस दर्ज किया गया है।