सितारगंज।
हेपेटाइटिस-सी के मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब उन्हें हेपेटाइटिस-सी के इलाज व दवाओं के लिए बाहर के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें उप जिला अस्पताल सितारगंज में ही इलाज मिल जाएगा।
दरअसल, उप जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी की दवाइयां उपलब्ध न होने से मरीजों को जिले के अन्य अस्पतालों जाना पड़ता था। इससे मरीज के समय और पैसे दोनों की अधिक बर्बादी होती थी। साथ ही, अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध न होने के कारण डॉक्टरों को भी मजबूरी में मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर करना पड़ता था। वहीं, सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव के काफी प्रयास के बाद उप जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी की दवा आ सकी है।
उन्होंने बताया कि एनवीएचसीपी (नेशनल वायरल हेपिटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम) के तहत जिला अस्पताल रुद्रपुर से दवा की पहले खेप मिल गई है। इससे हेपेटाइटिस-सी के मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी। बताया कि अस्पताल में हेपेटाइटिस सी के उपचार के लिए सभी दवाइयां उपलब्ध है। रोगियों को सलाह दी गई है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श ले। समय से जांच और उपचार मिलने पर हेपेटाइटिस-सी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
क्या है हेपेटाइटिस-सी
सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि हेपेटाइटिस-सी एक गंभीर वायरल संक्रमण है। जो लीवर को प्रभावित करता है। यह रोग मुख्य रूप से संक्रमित रक्त के संपर्क में आने से फैलता है।
हेपेटाइटिस-सी के लक्षण
- अत्यधिक थकान महसूस होना
- भूख न लगना और उल्टी आना
- पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला होना) - पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन
- मूत्र का गाढ़ा रंग
- जोड़ों में दर्द