काशीपुर। दहेज की मांग पूरी न करने पर पति ने अपनी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के परिजनों ने दहेज में कार और पांच लाख रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए आरोपी और उसके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई मांग की है।
आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम परमानंदपुर निवासी घुस्तर अली ने शनिवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे अपनी पत्नी नाजमा (30) की हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही नाजमा के मायके वाले ससुराल पहुंचें और घटना की जानकारी जुटाई। पोस्टमार्टम हाउस नाजमा के भाई दानिश ने बताया कि उसकी बहन की शादी वर्ष 2014 में हुई थी। शादी में काफी दहेज दिया, बावजूद इसके घुस्तर नाजमा को पीटता था। नाजमा के घुस्तर से इशांत (11), अमन (8) व अतरूल गाजी (6) और एक बेटी रुसना (7) हैं।
नाजमा के पिता इरफान निवासी गांव चाउपुरा थाना स्वार जिला रामपुर ने आईटीआई थाने में तहरीर सौंपी। आरोप लगाया कि ससुराली उनकी बेटी को मिलने भी नहीं देते थे। शनिवार दोहपर लगभग 12:30 बजे दामाद ने फोन कर बताया कि नाजमा की तबीयत खराब है और वह उसको मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर जा रहा है। तब वह लोग अस्पताल पहुंचे। वहां कोई नहीं मिलने वह लोग नाजमा की ससुराल पहुंचें, तो वह उसका शव पड़ा हुआ था। उनकी बेटी के सिर पर घेरे घाव और चोट के निशान थे। आरोप लगाया कि बेटी को उसके पति, देवर नदीम व आदिल और बहनोई शमशेर ने पीट-पीटकर मार डाला है। आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन रौतेला ने बताया मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर पति समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
एसपी, अभय सिंह ने बताया कि नाजमा के पिता की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
बच्चों की आंखों के आगे मां की हत्या
नाजमा के भाई दानिश ने बताया कि उनका बड़ा भांजा इशांत काफी समय से ननिहाल में रह रहा है। जबकि अमन, अतरूल व रुसना मां-पिता के पास रहती है। जानकारी करने पर रुसना ने बताया मम्मी की पापा से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। पापा ने मां को पीट-पीट कर मार डाला।
मायके वाले कर रहे थे इंतजार, मौत की मिली खबर
दानिश ने बताया शुक्रवार को उसने दो बार फोन करके अपने बहनोई को ईद की दावत दी थी। इसके बाद शनिवार की सुबह भी फोन करके ईद की दावत के लिए घर बुला रहे थे। उन्हें क्या पता था उसकी बहन की यह ईद आखिरी ईद होगी। वहीं मासूमों के सिर से मां का साया उठ गया। वह एक भाई व पांच बहनों में तीसरे नंबर की थी। अभी दो बहनों की शादी नहीं हुई है।