पखवाड़ेभर के भीतर तीन बार धार्मिक स्थलों पर मांस फेंके जाने की घटना ने एक बार फिर शहर की जनता के दिलों में डर का माहौल पैदा कर दिया है, लोगों की मानें तो इस डर का कारण धार्मिक स्थलों पर मांस मिलने के साथ चुनावी सरगर्मियों का तेज होना है, जहां आम जनता इस बात को कहती रही है के चुनावों के समय शहर के माहौल को खराब करने की कोशिश की जाती रही है वहीं अब धर्मगुरु भी खुल के बोलने लगे हैं कि चुनावी मैदान में उतरने वाले नेता अगर अपने मन को साफ रखें तो किसी भी हालत में शहर की फिजा नहीं बिगड़ सकती।
रुद्रपुर शहर के शांत माहौल को खराब करने की लगातार कोशिश असामाजिक तत्वों द्वारा पखवाड़े भर के भीतर की गई है, इससे पुलिस की बेचैनी बढ़ने के साथ ही आम लोग भी सकते में हैं, असामाजिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए पुलिस आए दिन शहर की जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करने के साथ ही धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में जुटी है, रविवार को भी एएसपी देवेंद्र पिंचा के नेतृत्व में कोतवाल एनएन पंत ने शहर के धर्मगुरुओं की बैठक लेकर जरूरी निर्देश दिए।
उनके सुझाव भी लिए। बैठक में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था चौक चौबंद रखने के लिए परिसर में सीसीटीवी लगाने के साथ ही परिसर के आसपास सफाई रखने के निर्देश पुलिस अधिकारियों ने धर्मगुरुओं को दिए। एएसपी पिंचा ने कहा कि वह मानते है कि वर्ष 2010 के बाद से लगातार शहर की फिजा खराब करने की कोशिश की गई है लेकिन इस तरह की घटनाएं वर्ष 2011 के दंगे की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जनता को पुलिस का सहयोग करना होगा। कोतवाल एनएन पंत का कहना था धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के पुलिस के पास पुख्ता इंतजाम हैं लेकिन धर्मगुरुओं को भी अपने स्तर से सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। धर्मगुरुओं का कहना था कि आम तौर पर शहर शांत रहता है लेकिन चुनावों से ठीक पहले माहौल खराब करने की कोशिश की जाती रही है यदि चुनावी मैैदान में उतरने वाले नेता अपनी सोच और मन को साफ रखें तो किसी भी हालत में शहर की फिजा खराब नहीं हो सकती।
असामाजिक तत्वों द्वारा शहर की फिजा बिगाड़ने की लगातार कोशिश के बाद पुलिस भी पूरी तरह चौकन्नी हो गई है,शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 70 धार्मिक स्थल हैं जिनमें से कुछ दिन पूर्व खेड़ा स्थित मंदिर में मांस फेंके जाने के बाद कोतवाल एनएन पंत ने सभी धार्मिक स्थलों के प्रमुखों के साथ बैठक कर उन्हें परिसर में सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए, जिसके बाद से 30 धार्मिक स्थलों पर कैमरे लगे, लेकिन बचे हुए 40 धार्मिक स्थल अभी भी अपनी सुरक्षा के लिए सिर्फ पुलिस के भरोसे बैठे हैं।
धार्मिक स्थलों पर मांस फेंक कर शहर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर अब हर समय पुलिस की विशेष नजर रहेगी, रात में जहां चीता मोबाइल की नजर धार्मिक स्थलों पर रहेगी, वहीं सुबह के तीन बजे से सात बजे तक चौकी प्रभारी खुद अपनी टीम के साथ धार्मिक स्थलों की निगहबानी करेंगे। इस दौरान क्षेत्र में घूमने वाले नशेड़ियों और संदिग्धों के खिलाफ भी पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।