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मेहनकशों के घर में पड़े दो वक्त की रोटी के लाले, बच्चों को करनी पड़ी पंचायत

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रुद्रपुर उप श्रमायुक्त कार्यालय परिसर में बाल पंचायत को संबोधित करते बच्चे। संवाद - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। इंटरार्क कंपनी की तालाबंदी खत्म कराने और तीन महीने का वेतन दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को श्रमिकों के बच्चों ने उप श्रमायुक्त कार्यालय में बाल पंचायत की। इसमें बच्चों ने श्रमिकों की कार्य बहाली की मांग की। कहा कि उनके माता-पिता के पास पैसे नहीं होने के कारण उनकी स्कूल की फीस जमा नहीं हो पा रही है। घर में आटा-चावल खत्म हो चुका है।
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उप श्रमायुक्त कार्यालय में आयोजित बाल पंचायत में बच्चों ने अपने संबोधन की शुरुआत एक, दो, तीन, चार, बंद करो ये अत्याचार... से की। कहा कि उत्तराखंड शासन ने 30 मई को इंटरार्क कंपनी की तालाबंदी को गैरकानूनी घोषित कर दिया था। एक जून को कुमाऊं कमिश्नर ने उन्हें वचन दिया था कि दो दिन के भीतर सभी मजदूरों का तीन महीने का भुगतान और कार्य बहाली करा दी जाएगी लेकिन अभी तक उस आदेश का पालन नहीं हुआ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारियों ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो 15 जून को दोबारा उप श्रमायुक्त कार्यालय में बाल पंचायत की जाएगी।
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बाल पंचायत का संचालन डॉली ने किया। इसमें उत्कर्ष, महिमा, श्रेया, प्रतिमा दुबे, अभिनंदन, इंटरार्क मजदूर संगठन के अध्यक्ष दलजीत सिंह, महामंत्री सौरभ कुमार, पान मोहम्मद, लक्ष्मण सिंह, दिनेश सिंह, कैलाश भट्ट, सुब्रत विश्वास, जोशना, सुनीता पांडेय, गायत्री देवी आदि थे। इंटरार्क के एचआर मैनेजर बीबी श्रीधर ने कहा कि बच्चों से आंदोलन कराना गलत है। श्रम सचिव से पारित आदेश की वैधानिकता चेक की जा रही है।
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