रुद्रपुर/खटीमा। किच्छा और झनकट के पेट्रोल पंपों पर डकैती डालने वाले गैंग के मुखिया सूरज उर्फ माफिया ने मोटा पैसा कमाने का लालच देकर पांच साथियों को एक हफ्ते पहले सितारगंज बुलाया था। इसके बाद इन लोगों ने दो पंपों पर डकैती डालकर रुपये आपस में बांट लिए। एक अभियुक्त किच्छा डकैती के बाद चला गया, जबकि पांच को मंगलवार को ट्रेन से घर लौटना था लेकिन उससे पहले ही वे पुलिस मुठभेड़ में दबोच लिए गए।
किच्छा और झनकट पुलिस ने दोनों पंपों पर डकैती डालने वालों की तलाश शुरू की थी। सोमवार की आधी रात झनकट के सड़ासड़िया रोड पर मुठभेड़ में पांच बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए। इनमें गैंग सरगना सूरज उर्फ माफिया के पैर पर गोली लगी थी। वह वर्ष 2023 में सोनीपत के मुहाना थाने में दर्ज जानलेवा हमले के मामले में जेल भी गया था। वर्ष 2024 में दिल्ली में एटीएम चोरी की घटना में तीन महीने तिहाड़ जेल में रहा था। वह ट्रक चलाने के लिए सितारगंज आया था और एक महीने से किराये पर कमरा लेकर रह रहा था।
अन्य अपराधियों का रिकॉर्ड
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए साहिल के घर पर मां और छोटा भाई है। उसकी एक बहन की शादी हो चुकी है। वह सोनीपत में एक सेनेटरी फैक्टरी में काम करता है। झगड़े के मामले में जेल भी जा चुका है।
दूसरा अभियुक्त मोहित भी थाना अरबन स्टेट से चोरी के मामले में जेल जा चुका है। उसके घर पर माता- पिता और एक बहन है। उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है।
तीसरा अभियुक्त राहुल के घर में माता-पिता और चार बहनें हैं। चारों बहनें अविवाहित हैं। चौथा आरोपी हरेंद्र उर्फ बिट्टू के घर में पत्नी, बच्चे और मां हैं। उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। उसके बड़े भाई की मृत्यु हो चुकी है और वह फूड डिलीवरी का काम करता है। वह किसी मामले में जेल नहीं गया है।
एक हफ्ते पहले सूरज ने पांच साथियों को अच्छा पैसा कमाने के लालच में बुलाया था। इसके बाद दो डकैतियों को अंजाम दिया गया। एक अभियुक्त चला गया था और पांच को मंगलवार को बरेली से ट्रेन से अपने घर जाना था।
- मणिकांत मिश्रा, एसएसपी
इससे पहले उत्तराखंड में नहीं था कोई आपराधिक रिकॉर्ड
खटीमा। झनकट और किच्छा के पेट्रोल पंपों पर डकैती डालने वाले हरियाणा के बदमाशों को तराई में दस्तक देना महंगा पड़ गया। पुलिस ने चार दिन के भीतर दोनों डकैती की घटनाओं का खुलासा करते हुए पांच बदमाशों को पकड़ लिया। इनकी उम्र 22 से 32 वर्ष के बीच है। इनका उत्तराखंड के किसी भी कोतवाली, थाने या रिपोर्टिंग चौकी में आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि बदमाशों से बरामद दोनों बाइकें चोरी की हैं।
मॉडस ऑपरेंडी से मिली मदद
झनकट और किच्छा के पेट्रोल पंपों पर डकैती डालने वाले गिरोह तक पहुंचने में मॉडस ऑपरेंडी पुलिस के लिए मददगार बनी। बदमाशों ने डकैती की दोनों घटनाओं को एक ही तरीके से अंजाम दिया था। इससे पुलिस को दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह के शामिल होने का संदेह हुआ था।