जिले में बढ़ रही फायरिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अब पुलिस ने अवैध कारतूस की बिक्री करने वालों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस सत्यापन में जिले के लाइसेंसी शस्त्र की दुकानों में बिकने वालों कारतूसों को यूपी के असलहाधारकों को बेचने की पुष्टि हुई है। इसके बाद से पुलिस दुकानों से बिके कारतूसों का हिसाब लेकर अवैध शस्त्र रखने वालों को चिह्नित करने में जुटी है।
जिले में लगातार हो रही फायरिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने जिले में लाइसेंसी शस्त्र बेचने वाले दुकानदारों का सत्यापन करने के निर्देश थाना पुलिस को दिए थे। थाना पुलिस की ओर से पांच मार्च से चलाए गए सत्यापन अभियान में खुलासा हुआ है कि शस्त्र विक्रेताओं ने कुछ कारतूस यूपी के असलहा धारकों को बेचे हैं।
इनकी जांच के लिए अब जिला पुलिस एसएसपी के निर्देश पर यूपी पुलिस को रिपोर्ट भेजकर कारतूस खरीदने वालों का चिह्नीकरण करेगी, ताकि कारतूस खरीदने वालों से उनके इस्तेमाल का ब्योरा पुलिस को मिलेगा। साथ ही पूर्व में अपने लाइसेंसी असलहों से फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले कुछ लोगों को भी पुलिस ने चिह्नित किया है। जल्द ही पुलिस उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति डीएम को भेजने की तैयारी कर रही है। सोमवार को दिनेशपुर और काशीपुर क्षेत्र के दो लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी पुलिस ने डीएम कार्यालय को भेजी है।
यह हैं कारतूस खरीदने के नियम
रुद्रपुर। लाइसेंसी असलहे के लिए कारतूस खरीदने की नियमावली बनी है जिसके तहत रिवाल्वर, पिस्टल के लाइसेंस पर एक साल में 25 और सिंगल व डबल बैरल की राइफल पर एक साल में 100 कारतूस खरीदे जा सकते हैं। नये कारतूस खरीदने के लिए पुराने इस्तेमाल किये कारतूसों का ब्यौरा भी लाइसेंस धारक को देना होता है। साथ ही पुलिस भी लाइसेंस धारक से कारतूसों को इस्तेमाल करने का ब्योरा पूछ सकती है।
लाइसेंसी के नाम पर खरीदे जाते हैं अवैध हथियार के लिए कारतूस
रुद्रपुर। शस्त्र की दुकानों पर लाइसेंसी पिस्टल, रिवाल्वर और राइफल बेचने का ही नियम है और शस्त्र के हिसाब से ही दुकानों में कारतूस उपलब्ध होते हैं। अपराधी प्रवृत्ति के लोग अवैध तमंचा के लिए कारतूसों की खरीदारी करते हैं। इसके लिए उनकी नजर शस्त्रधारक अथवा शस्त्र दुकानदार पर होती है, जिन्हें अधिक कीमत देकर कारतूस खरीदे जाते हैं। इसके अलावा शस्त्र विक्रेता भी कारतूस चढ़ाने में हेरफेर कर उनकी ब्रिकी कर रहे हैं।
12, 15 से लेकर 32 बोर के कारतूस आसानी से उपलब्ध
रुद्रपुर। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ शस्त्र विक्रेता लाइसेंस में कारतूस चढ़ाने में खेल करते हैं, शस्त्र विक्रेता ना कारतूस देते समय पुराने खोखे देख रहे हैं और दूसरे के लाइसेंस पर भी कारतूस दर्ज कर अवैध रूप से कारतूस बेच रहे हैं।
जिले में फायरिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शस्त्र विक्रेताओं के साथ ही कारतूस खरीदने वालों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन में इस बात की पुष्टि हुई है कि शस्त्र विक्रेताओं द्वारा यूपी के लाइसेंस पर भी कारतूस बेचे गये हैं जिसकी जांच के लिए बिके हुए कारतूस और उनके खरीदारों का ब्यौरा लिया जा रहा है।
- एसएसपी बरिंदरजीत सिंह।