ऊधमसिंह नगर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की 17-18वीं एजीएम में दुग्ध उत्पादकों ने पशुआहार निर्माण में भ्रष्टाचार, दूध के दाम बढ़ाने और पशुआहार के दाम 50 रुपये घटाने की मांग को लेकर हंगामा काटा। वहीं दुग्ध उत्पादकों ने संचालक मंडल और यूडीएफ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पशुआहार निर्माणशाला के गेट में भी प्रदर्शन किया।
सुबह 11 बजे से पशुआहार निर्माणशाला में शुरू हुई एजीएम हंगामेदार रही।
दुग्ध उत्पादकों ने दूध के दाम बढ़ाने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। दुग्ध उत्पादक विरेंद्र कुमार, बलदेव सिंह, सीमा पांडे ने कहा कि संघ उन्हें मार्केट के रेट से दूध के कम दाम दे रहा है। जबकि मार्केट में कई डेरियां संघ से अधिक दाम दे रही हैं। वहीं उन्होंने आंचल पशु आहार के दाम 50 रुपये कम करने की मांग करते हुए कहा कि मार्केट में अन्य कंपनियों के दाम आंचल के पशुआहार से 100 रुपये तक कम हैं। उन्होंने दूध के पेमेंट भी देर से देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर संघ समय से दूध का पेमेंट कर दे तो लोग आंचल का पशुआहार खरीदेंगे ही नहीं।
दुग्ध उत्पादकों ने पशुआहार शाला में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी जांच करने की मांग करते हुए कहा कि आंचल के पशुआहार की गुणवत्ता में कमी आई है। एक दुग्ध उत्पादक बोला कि भ्रष्टाचार कम करें नहीं तो रावत सरकार का हाल हो जाएगा। वहीं दुग्ध उत्पादकों ने सवाल पूछने से मना करने पर भी हंगामा काटा। दुग्ध उत्पादकों ने घी घोटाले और दूध पाउडर घोटाले की जांच में हो रही देरी पर सवाल उठाए। एजीएम में यूसीडीएफ के अध्यक्ष अर्जुन सिंह रौतेला, दुग्ध संघ अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा, उपाध्यक्ष नवनीत चौहान, यूसीडीएफ के दीप बिष्ट, आरएन तिवारी, प्रधान प्रबंधक डॉ. एचएस कुटौला आदि मौजूद रहे।
‘शीरे में पानी’ की खबर भी उठाई
रुद्रपुर। अमर उजाला में बीते दिनों छपी खबर ‘शीरे में मिलाया जा रहा है पानी’ की खबर को उठाते हुए दुग्ध उत्पादकों ने आंचल पशुआहार खराब आने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। उन्होंने कहा कि आंचल का पशुआहार बहुत खराब आ रहा है। दुग्ध उत्पादक विरेंद्र तिवारी ने कहा कि अमर उजाला की खबर के बाद लिए गए शीरे के सैंपल भी फेल हो गए थे। लेकिन फेडरेशन ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पशु आहार शाला में कमीशन का खेल चलने का भी आरोप लगाया।
नहीं आते हैं डाक्टर
रुद्रपुर। दुग्ध उत्पादकों ने डेरी के पशु चिकित्सकों के नहीं आने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई फोन करने के बाद भी डाक्टर नहीं आते हैं। वहीं उत्पादकों ने डेरी से मिलने वाली दवाएं नहीं मिलने का भी आरोप लगाया।
खाना नहीं खाने पर अड़े उत्पादक
रुद्रपुर। दुग्ध उत्पादकों के लिए एजीएम में खाने का इंतजाम भी किया गया था। लेकिन दुग्ध उत्पादक दूध के दाम बढ़ाने और पशुआहार के दाम 50 रुपये घटाए जाने तक खाना न खाने की बात कहकर पशुआहार शाला के गेट में धरने में बैठ गए। मौके पर पहुंचे अध्यक्ष ने बमुश्किल दुग्ध उत्पादकों को शांत कराया।
80.62 करोड़ का बजट पारित
रुद्रपुर। एजीएम में 80.62 करोड़ का बजट पारित किया गया। वहीं दुग्ध उत्पादकों मिनरल मिक्चर में 50 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की गई।