यूएस नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर शहर में 14 हजार से अधिक नजूल भूमि में बसे लोगों को हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जा हटाने के फरमान के बाद बुधवार को नजूल भूमि पर बसे अन्य लोगों की भी तस्वीर खुलकर सामने आई है।
नगर निगम रुद्रपुर के विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्तमान में रुद्रपुर शहर में करीब 17 कालोनियां नजूल की भूमि पर स्थापित हैं। इन कालोनियों में करीब 87 हजार से अधिक की आबादी पूरी तरह से काबिज है। ऐसे में अब मामला जहां सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है वहीं शहर के जनप्रतिनिधि भी हजारों की आबादी में बसे लोगों के आशियानों को बचाने के फेर में उतरते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक रुद्रपुर नगर निगम की आबादी एक लाख 41 हजार 587 है। इन आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पूरा रुद्रपुर 80 प्रतिशत नजूल की भूमि पर काबिज है।
हाईकोर्ट के फरमान के बाद शहर में हलचल पैदा हो गई है। कई जनप्रतिनिधियों ने सत्ता के गलियारों तक संपर्क साधकर हजारों की आबादी को बचाने के लिए ताने-बाने बुनने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत की ही बात की जाए तो उन्होंने अब तक तराई में जितनी भी जनसभाएं की हैं उनमें साफ शब्दों में भरे मंच से कहा कि जो व्यक्ति जहां काबिज है सरकार उन्हें उजाड़ने के नहीं बल्कि बसाने के पक्ष में है। उधर हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जिले के अफसरों को शासनादेश का इंतजार है, क्योंकि सरकार पहले ही मलिन बस्तियों और नजूल पर बसे लोगों के नियमितीकरण को लेकर कुछ कदम बढ़ा चुकी है।
ऐसे में इतनी बड़ी आबादी को ध्वस्त करना भी अधिकारियों के लिए किसी पहाड़ को तोड़ने से कम नहीं है। कुछ अधिकारियों की राय के अनुसार इस मामले में सरकार को लंबे समय से काबिज लोगों के नियमितीकरण की नीति को जल्द से जल्द स्पष्ट करके हाईकोर्ट के समक्ष अपनी नीति को रखना होगा, इससे जहां न्याय पालिका का भी सम्मान होगा वहीं सरकार की किरकिरी होने से भी बचा जा सकता है।
शासनादेश का है इंतजार
राज्य सरकार ने कुछ माह पहले वर्षों से काबिज लोगों को नियमित कब्जा दिलाने और उन्हें उसी स्थान पर बसने के फैसले कैबिनेट में लिए हैं। रुद्रपुर नगर निगम की एक लाख 41 हजार 587 लोगों की जनसंख्या पर करीब 87 हजार से अधिक लोग नजूल की जमीन पर काबिज हैं। अधिकांश लोगों ने भूमि को फ्री होल्ड भी करवा लिया है, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद शासनादेश का इंतजार है। हां मुख्य मार्गों पर जहां जबरन कब्जा किया है उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
- दीप्ति वैश्य, मुख्य नगर अधिकारी, नगर निगम रुद्रपुर
सरकार लोगों को मालिकाना हक दिलाएगी : बेहड़
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ का कहना है कि नजूल पर बसे लोगों को नियमित करने की कार्रवाई तो सरकार कर चुकी है। इसमें काम हो गया है और अब सर्वे की प्रक्रिया पूरी की जानी है। मलिन बस्ती के लोगों को मालिकाना हक के लिए पहले ही सरकार ने कानून बनाया है। रुद्रपुर में बसे हजारों लोगों को भी सरकार मालिकाना हक दिलाएगी। किसी भी व्यक्ति का आशियाना टूटने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले ही जनता को स्पष्ट कर चुके हैं जो जहां काबिज है उसे स्थायी तौर पर वहीं बसाया जाएगा।
मैं 2012 से यह मामला विधानसभा में उठा रहा हूं : ठुकराल
विधायक राजकुमार ठुकराल का कहना है कि नजूल पर बसे लोगों के विनियमितीकरण के लिए उन्होंने 27 मार्च 2012 के विधानसभा सत्र में पहली बार उठाया था और तब से अब तक वह रुद्रपुर के नजूल पर बसे लोगों को स्थायी रूप से बसाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें सरकार को जल्द से जल्द विधानसभा में नजूल पर बसे लोगों के विनियमितीकरण के लिए मामला पारित करवाना चाहिए। इससे न्याय पालिका का भी सम्मान होगा और लोगों के घर भी नहीं टूटेंगे। उन्होंने कहा कि वह रुद्रपुर की जनता के साथ हैं किसी भी व्यक्ति का घर नहीं टूटने दिया जाएगा।
यह कालोनियां हैं नजूल पर बसी हुई
आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी, रम्पुरा, भूतबंगला, भदईपुरा, पहाड़गंज, रेशमबाड़ी, जगतपुरा, शिव नगर, दूधिया नगर, खेड़ा, संजय नगर, इंदिरा कालोनी, सुभाष कालोनी, सीरगोटिया, गांधी कालोनी, घास मंडी और शहर का मुख्य बाजार शामिल हैं।